नीरव मोदी को भारत लाने के लिए US से मदद मांगेगी CBI

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नई दिल्ली। पंजाब नेशनल बैंक में 11,400 करोड़ के महाघोटाला में घिरी मोदी सरकार ने आरोपियों की घेराबंदी और तेज कर दी है। विदेश मंत्रालय ने मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी के पासपोर्ट सस्पेंड कर दिए। उनका पता लगाने व गिरफ्तार करने के लिए सीबीआई ने इंटरपोल से मदद मांगी है।

इस बीच, सीबीआई ने उम्मीद जताई कि आरोपियों की लोकेशन जल्द पता चल जाएगी। खबर है कि नीरव यादव अपने परिवार के साथ अमेरिका भाग सकता है। ऐसा में सीबीआई अमेरिका से मदद मांगेगी।

सीबीआई ने मोदी, उनकी पत्नी एमी व बिजनेस पार्टनर मेहुल चौकसी के खिलाफ इंटरपोल का “डिफ्यूजन नोटिस” जारी किया है। यह नोटिस इंटरपोल (अंतरराष्ट्रीय पुलिस) के सदस्य देशों में किसी व्यक्ति का पता लगाकर उसे गिरफ्तार करने के लिए जारी किया जाता है। सीबीआई ने इन सभी के खिलाफ 29 जनवरी को लुकआउट नोटिस जारी किया था, लेकिन ये जनवरी के पहले हफ्ते में ही देश छोड़कर जा चुके थे।

शुक्रवार को नीरव मोदी व चौकसी के 61 ठिकानों पर ईडी व सीबीआई ने छापे मारे। पीएनबी की 13 फरवरी को मिली नई शिकायत के बाद सीबीआई ने गुरुवार देर शाम चौकसी, उसकी तीन कंपनियों, इन कंपनियों के निदेशकों और दो बैंक अधिकारियों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की।

इसके बाद शुक्रवार को सीबीआई ने चौकसी और नीरव मोदी के 26 ठिकानों पर छापा मारा। जबकि सीबीआई की एफआईआर के आधार पर मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करते हुए ईडी ने भी 35 जगहों पर तलाशी ली।

छापे के दौरान ईडी ने शुक्रवार को 549 करोड़ रुपए बुक वैल्यू की ज्वेलरी, सोना, हीरे और जब्त किए। इस तरह कुल जब्त अचल संपत्तियों की बुक वैल्यू 5649 करोड़ रुपए पहुंच गई है। 5100 करोड़ रुपए की चल संपत्ति ईडी ने गुरुवार को जब्त की थी।

ईडी ने नीरव मोदी के विदेश स्थित चार शोरूमों में बिक्री बंद करने का फरमान जारी कर दिया है। नीरव मोदी के मुंबई स्थित हेड ऑफिस से न्यूयॉर्क, लंदन, मकाऊ और बीजिंग स्थित शोरूम को निर्देश जारी करवाया गया है कि इनमें एक भी सामान नहीं बेचा जाए।

सीबीआई की टीम पीएनबी के चार अधिकारियों से दिनभर पूछताछ करती है। इनमें नरीमन प्वाइंट स्थित ब्रांच में फरवरी 2015 से अक्टूबर 2017 के बीच मुख्य प्रबंधक रहे बेचू तिवारी, ब्राडी हाउस ब्रांच में मई 2016 से मई 2017 के बीच सहायक महाप्रबंधक रहे संजय कुमार प्रसाद, जोनल ऑडिट ऑफिस में मई 2015 से जुलाई 2017 के बीच कॉनकरेंट ऑडिटर रहे और अभी मुख्य प्रबंधक मोहिंदर कुमार शर्मा के साथ-साथ नवंबर 2014 से दिसंबर 2017 तक एसडब्ल्यूओ रहे मनोज खराट शाामिल हैं।

उधर, पीएनबी ने अपने एक महाप्रबंधक स्तर के अधिकारी समेत आठ और अफसरों को शुक्रवार को सस्पेंड कर दिया। ये भी घोटाले में लिप्त पाए गए हैं। इससे पहले बुधवार को 10 अफसर सस्पेंड किए गए थे। पीएनबी इस मामले में दूसरी सभी बैंकों की फंसी राशि 31 मार्च तक अपने आंतरिक स्रोत से चुकाएगी।

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