पंचायत का फैसला, पूरे गांव की बिजली काटी, रास्ते किए बंद

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भरतपुर।  जिले में मेवात इलाके की एक महापंचायत ने एक गांव के खिलाफ तुगलकी फरमान सुनाया है. पथवारी गांव में एक लड़की को भगाने के मामले में बुलाई गई 40 गांवों की इस महापंचायत में गांवडी गांव की बिजली सप्लाई काटने और रास्ते बंद करने का फैसला सुनाया गया जिसके बाद पूरे इलाके में माहौल तनावपूर्ण हो गया है. घटना की जानकारी मिलते ही कामा के सीओ राय सिंह बेनीवाल एवं जुरहरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया. जुरहरा थाना पुलिस ने हालांकि इस मामले में महापंचायत में शामिल पंच-पटेलों सहित 300 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया है.

भरतपुर के एसपी केसर सिंह शेखावत ने भी देर रात पथवारी, गांवड़ी और नौनेरा गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया था और सभी गांवों में पुलिस जाप्ता भी तैनात किया गया था. जिस लड़की के अपहरण को लेकर यह पूरा मामला चल रहा है उस लड़की की भी तलाश पुलिस सरगर्मी से कर रही है लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है.

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों गांवडी गांव के दो युवकों ने पथवारी गांव की रहने वाली एक युवती का अलवर के तिजारा थाना इलाके से अपहरण किया था और बाद में जब पंचायत हुई तो अपहरणकर्ताओं के परिजनों ने लड़की को बरामद कराने का आश्वासन दिया था. मंगलवार को पंचायत में गांवडी गांव के लोगों को लड़की बरामद करानी थी लेकिन वह पंचायत में शामिल नहीं हुए और पंच पटेलों ने वहां तुगलकी फरमान गांवडी गांव के सभी लोगों के खिलाफ सुना डाला .

फरमान के तहत बावड़ी गांव के रास्ते बंद करने, बिजली काटने और खेतों में फसल पर कब्जा करने की बात सामने आई है. इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगता है क्योंकि 40 गांवों के लोग एक जगह इकट्ठा होकर महा पंचायत कर तुगलकी फरमान सुनाते हैं लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती है.

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