पाकिस्तान और चीन सीमा पर ‘गगन शक्ति’ युद्धाभ्यास

नई दिल्ली। पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर लगातार तनाव के चलते  वायुसेना उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर अपना अब तक का सबसे बड़ा युद्ध अभ्यास करने जा रही है। ‘गगन शक्ति 2018’ नाम के इस अभ्यास में पहली बार वायुसेना के साथ साथ नौसेना तथा थल सेना भी संयुक्त अभ्यास में अपने जौहर दिखाएंगी। वायुसेना की मारक क्षमता का पर्याय माने जाने वाले विशेष कमांडो गरूड इस अभ्यास के केन्द्र में होंगे।  इस दौरान उसके सभी तरह  लगभग 1100 विमान अपने रण कौशल का प्रदर्शन करेंगे। अभ्यास में वायुसेना के 3000 अफसर और 15000 वायु सैनिक हिस्सा लेंगे, जो लंबे समय से इसकी तैयारियों में जुटे हैं।
दो चरणों में होगा अभ्यास:
 रण कौशल की कमियों को दूर कर इन्हें निखारना भी इसका उद्देश्य है। यह अभ्यास दो चरणों में किया जाएगा, जिसमें से पहला चरण पाकिस्तान से लगती उत्तरी सीमा पर तथा दूसरा चरण चीन से लगती उत्तरी सीमा पर किया जाएगा।  वायुसेना के लड़ाकू बेडे का मुख्य विमान सुखोई-30 भी आकाश का सीना चीरकर हैरतअंगेज कौशल दिखाएगा। नौसेना का मिग-29 लड़ाकू विमान भी अपने जौहर दिखाएगा। वायुसेना की अवाक्स प्रणाली भी अपनी सटीक पकड़ का प्रदर्शन करेगी।
प्रोटोकाल के तहत सूचना दी:
भारत ने प्रोटोकाल के अनुसार पाकिस्तान को इस अभ्यास की सूचना दे दी है। वायुसेना ने विमानों तथा विभिन्न उपकरणों की सर्विस बनाए रखने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एचएएल और बीईएल के साथ विशेष तालमेल किया है। अभ्यास के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय, रेलवे तथा अभ्यास के क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन के साथ व्यापक तालमेल किया गया है।

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