पानी बचाओं वर्ना….भुगतोगे अंजाम

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नई दिल्ली। आज दुनिया भर में 22 मार्च को विश्व जल दिवस के रुप में मनाया जा रहा हैं। अभी कुछ दिन पहले खबर आई थी कि दक्षिण अफ्रीका के केपडाउन में नहाने पर रोक लग गई है। इसके साथ ही निश्चित समय पर पानी खत्म होने की घोषणा कर दी गई। आगामी जून-जुलाई में शहर के सभी नलों में पानी की आपूर्ति खत्म हो जाएगी।  केपटाउन ही नही अपितु दुनिया भर के कई देशों में जलसंकट की समस्या आने वाली हैं।
इन देशों पर मंडरा रहा है जलसंकट:
पर्यावरण के क्षेत्र में कार्यरत संस्था सेंटर फॉर सांइस (सीएसई) की मदद से प्रकाशित पत्रिका डाउन टू अर्थ की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि ब्राजील के साओ पाउलो और भारत के बेंगलुरु में जल्द ही पानी की किल्लत हो जाएगी।  द वॉटर गैपÓ रिपोर्ट के मुताबिक युगांडा, नाइजर, मोजांबिक, भारत और पाकिस्तान पर सबसे ज्यादा जलसंकट मंडरा रहा है। इन देशों में कई फीसदी लोगों को साफ पानी पीना नसीब नहीं हो पा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 16.3 करोड़ लोग साफ पानी के लिए तरस रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले साल इसी रिपोर्ट में यह आंकड़ा 6 करोड़ 30 लाख लोगों का था। यानि की महज एक साल में इस आंकड़े में कई गुणा इजाफा हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार 2030 तक आधी दुनिया जलसंकट से गुजर सकती है।
बेंगलुरु की स्थिती खतरे में:
बेंगलुरु का भूमि जल स्तर पिछले दो दशक में 10-12 मीटर से गिरकर 76-91 मीटर तक जा पहुंचा है। साथ ही शहर में बोर-वेल की संख्या तीस साल में पांच हजार से बढ़कर 4.5 लाख हो गई है। बेंगलुरु में 79 प्रतिशत जलाशय अनियोजित शहरीकरण और अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं।  शहर के कुल क्षेत्रफल में 1973 की तुलना में निर्माणाधीन क्षेत्र में 77 प्रतिशत इजाफे का अहम योगदान है। एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2031 तक बेंगलुरु की आबादी 3.5 फीसदी प्रति वर्ष दर के साथ 2.03 करोड़ हो जाएगी।

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