प्रत्याशियों की घोषणा में BJP को आया पसीना

0
150

इंदौर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख यानी 9 नवंबर को महज तीन दिन बचे हैं, इसके बावजूद दोनों पार्टियां अभी तक अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं कर सकी हैं. खास बात ये कि इंदौर जैसे महत्वपूर्ण जिले में बीजेपी अब तक किसी भी सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं कर पाई है ।

इंदौर जिले की सभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी द्वारा अब तक एक भी प्रत्याशी घोषित न कर पाने की वजह वंशवाद भी हो सकता है. क्योंकि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार दोनों टिकट की मांग कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी असमंजस की स्थिति में दिखाई दे रही है, इसकी वजह भी है. दरअसल, दोनों नेताओं का इंदौर में अच्छा जनाधार माना जाता है जबकि इनके बेटे भी लगातार सक्रिय हैं. अगर दोनों को टिकट दिया जाता है तो कहीं पार्टी में बगावत न हो जाये. शायद इसी वजह से बीजेपी पत्ते नहीं खोल रही ।

इंदौर में विधानसभा की 9 सीटें आती हैं जिनमें से कांग्रेस 4 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है, लेकिन बीजेपी की ओर से अब तक किसी भी सीट पर उम्मीदवारों का एलान नहीं हुआ है. बीजेपी की एक ऐसी सूची सामने आई भी जिसमें इंदौर की सीटों का जिक्र था, लेकिन दो सीटों पर कैलाश विजयवर्गीय और उनके बेटे आकाश विजयवर्गीय का नाम सामने आने के बाद बीजेपी ने सफाई दी कि ये लिस्ट फर्जी है और उसने इसे जारी नहीं किया है ।

लेकिन, सवाल ये है कि आखिर इंदौर के प्रत्याशियों की घोषणा करने में ऐसी क्या मुश्किलें हैं जो बीजेपी को मशक्कत करनी पड़ रही है. जानकारों की मानें तो कैलाश विजयवर्गीय और सुमित्रा ताई की अपने-अपने चहेतों को टिकट दिलवाने की कवायद एक वजह हो सकती है, जिसके चलते यहां पार्टी अब तक प्रत्याशी तय नहीं कर पा रही है ।

इंदौर में ताई के नाम से मशहूर लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन और भाई के नाम से मशहूर बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय बीजेपी के आधार स्तंभ माने जाते हैं. ऐसे में इन दोनों नेताओं का जिले की राजनीति में सीधा दखल रहता है, जबकि दोनों के बीच में तकरार की खबरें भी आती रही हैं. ऐसे में इंदौर की सीटों की पर प्रत्याशियों की घोषणा न कर पाना भी इसकी एक वजह हो सकती है ।

वंशवाद के चक्कर में तो नहीं फसी इंदौर बीजेपी
इंदौर जिले की सभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी द्वारा अब तक एक भी प्रत्याशी घोषित न कर पाने की वजह वंशवाद भी हो सकता है. क्योंकि कैलाश विजयवर्गीय के बेटे आकाश और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन के बेटे मंदार दोनों टिकट की मांग कर रहे हैं. ऐसे में पार्टी असमंजस की स्थिति में दिखाई दे रही है, इसकी वजह भी है. दरअसल, दोनों नेताओं का इंदौर में अच्छा जनाधार माना जाता है जबकि इनके बेटे भी लगातार सक्रिय हैं. अगर दोनों को टिकट दिया जाता है तो कहीं पार्टी में बगावत न हो जाये. शायद इसी वजह से बीजेपी पत्ते नहीं खोल रही ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...