प्रदेशाध्यक्ष के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत चुने जा सकतें हैं

नई दिल्ली । राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर प्रदेशाध्यक्ष के मुद्दे को लेकर प्रदेश और दिल्ली के बीच मचे घमासान को खत्म करने के लिए ‘डील’ हो चुकी है।

पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में दोपहर बाद होने वाली अहम बैठक से पहले केंद्रीय कृषि

राज्यमंत्री गजेंद्र सिहं शेखावत की सक्रियता को देखकर साफ नजर आने लगा है कि

विवादों के बादल जल्द ही छंटने वाले हैं।

विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रुप देने के लिए शाह की ओर से बुलाई गई

बैठक से पहले के नजारे राजनीतिक रुप से कई संकेत दे रहे हैं। बैठक में भाग लेने के लिए राज्य से

दिल्ली पहुंचे वसुंधरा के मंत्रियों, सांसदों तथा संगठन पदाधिकारियों को लेने के लिए गजेंद्र सिंह शेखावत खुद राजस्थान हाउस पहुंचे। साथ ही यहां से सभी को लेकर वे बीकानेर हाउस गए। बताया जा रहा है कि

यहां पर सीएम वसुंधरा राजे की मौजूदगी में कोर कमेटी की बैठक भी हुई है।

जानकारों की मानें तो भाजपा प्रदेशाध्यक्ष को लेकर प्रदेश और दिल्ली के बीच की तनातनी खत्म होने के कागार पर है। इस मामले में डील करीब फाइनल है।

सूत्रों की मानें तो प्रदेशाध्यक्ष का ताज दिल्ली के चहेते के सिर पर सजना करीब-करीब तय है।

हालांकि, इस पर अंतिम निर्णय शाह की मौजूदगी में होने वाली बैठक में ही होगा।

गौरतलब है कि प्रदेशाध्यक्ष के पद से  अशोक परनामी के इस्तीफा देने के बाद से

इस पद की ताजपोशी राजनीतिक रुप से पार्टी के लिए गलफांस बनी हुई है।

प्रदेशाध्यक्ष के लिए पहले दिल्ली की ओर से गजेंद्र सिंह का नाम आगे आने के बाद

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का खेमा एक्टिव हो गया था। उसने जाट लॉबी के नाराज होने की बात कहते हुए

शेखावत के नाम पर विरोध शुरू कर दिया, बाद में खुद मुख्यमंत्री राजे भी

शाह के समक्ष शेखावत के नाम पर आपत्ति जता चुकी हैं।

Read Also:

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...