फिलीपींस में मुख्य न्यायाधीश पर महाभियोग मामले में सरकार और अदालत में ठनी

मनीला। फिलीपींस की सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाने के मुद्दे पर अदालत और सरकार आमने-सामने आ गई हैं। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने खुद से ही अपने मुख्य न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी, जिसके बाद फिलीपींस संसद के आधे से ज्यादा सांसदों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है।
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपने इस फैसले की समीक्षा करने को कहा है।
उन्होंने कहा है कि यह एक खतरनाक उदाहरण है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हटाने का संवैधानिक अधिकार राष्ट्रपति और संसद के पास होता है ना कि सुप्रीम कोर्ट के पास।
ऐसा करके सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों की संवैधानिक शक्तियों से खिलवाड़ किया है।
इस मामले में 23 में से 14 सांसदों ने गुरुवार को एक मसौदे पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रपति रॉड्रिगो दुतेर्ते को सौंपा है।
उन्होंने अपनी याचिका में लिखा है कि मुख्य न्यायाधीश मारिया लॉर्डेस सेरेनो को केवल कांग्रेस महाभियोग प्रक्रिया के द्वारा हटाया जा सकता है।
बताया जाता है कि दुतेर्ते ने कुछ समय पहले सेरेनो को हटाने की घोषणा की थी।
हालांकि बाद में राष्ट्रपति दुतेर्ते ने कहा कि उन्होंने कभी सेरेनो पर उंगली नहीं उठाई है
और ना ही वे देश के सबसे ऊंचे कोर्ट से उन्हें बाहर निकालने की प्रक्रिया में शामिल हैं।
याचिका में सेरेनो पर आरोप है
कि सालों पहले जब वे सरकारी विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे तब उन्होंने अपनी संपत्ति का खुलासा नहीं किया था।
अपनी याचिका में आलोचकों ने संसद में संवैधानिक संकट को लेकर चेतावनी दी है।
हालांकि इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की तरफ से किसी भी प्रकार की टिप्पणी नहीं की गई है।
उधर दूसरी तरफ राष्ट्रपति के प्रवक्ता हैरी रोक ने अदालत के फैसले का सम्मान करने का आग्रह किया है।
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