फीफा विश्व कप-2022 की मेजबानी के लिए कतर ने चलाया था गुप्त अभियान

दोहा। फुटबॉल विश्व कप-2022 की मेजबानी लेने के लिए कतर ने गुप्त अभियान चलाया था। रविवार टाइम्स में इस सम्बंध में एक खबर प्रकाशित की गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कतर ने अपने प्रतिद्वंदियों को विश्व कप की बोली में हराने के लिए यह गुप्त अभियान चलाया था।

आठ साल पहले चलाया था अभियान

रिपोर्ट के मुताबिक कतर की बोलीदाता टीम ने वर्ष 2010 में अपने मुख्य प्रतिद्वंदी

अमरीका और ऑस्ट्रेलिया की बोली का तोड़ निकालने के लिए गुप्त अभियान चलाया था।

इस कार्य में कतर की मदद एक अमरीकी पीआर फर्म और पूर्व सीआईए एजेंटों ने की थी।

यह था उद्देश्य

आरोपों में कहा गया है कि प्रचार के पीछे का कथित उद्देश्य इस धारणा को बढ़ावा देने के लिए था कि

विश्व कप को घरेलू रूप से समर्थन नहीं किया जाएगा।

हालांकि, कतर ने इन आरोपों का खंडन किया है।

इन देशों को पीछे छोड़ पाई मेजबानी

रविवार टाइम्स ने रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि इस अभियान ने फीफा के बोली प्रक्रिया नियम तोड़ दिए होंगे।

कतर ने अमरीका, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और जापान को वर्ष 2022 विश्वकप की मेजबानी में हराया था।

दो साल जांच के बाद मिली फीका की मंजूरी

फीका के नियमों का कहना है कि विश्वकप बोलीदाताओं को किसी अन्य सदस्य संघ की बोलियों या

उम्मीदवारों के बारे में किसी भी प्रकार का लिखित या मौखिक बयान नहीं देना चाहिए।

कतर बोलीदाता टीम पर पहले भ्रष्टाचार का आरोप लगा था।

दो साल की फीफका जांच के बाद उसे मंजूरी मिल गई थी।

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