फ्लैट मालकिन मंजुला बोलीं- BJP में थी, हमेशा रहूंगी

कर्नाटक के विधानसभा चुनावों में इस समय बेंगलुरु के राज राजेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र में एक घर में हजारों वोटर आईडी कार्ड मिलने का मुद्दा छाया हुआ है. इस मामले में कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. शारदांबा नगर के जालाहल्ली इलाके के जिस फ्लैट में ये वोटर आईडी कार्ड मिले वह मंजुला नंजामुरी के नाम पर है, जिसे उन्होंने किराये पर उठाया था.

बीजेपी ने इस मामले में स्थानीय कांग्रेस विधायक का हाथ बताया था और यहां के चुनाव रद्द करने की मांग की थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बुधवार को इस मामले को अपनी रैली में उठाया और लोगों से कहा कि सावधान रहें, कांग्रेस आखिरी तीन दिनों में ऐसा और कुछ कर सकती है. आुको बताते चलें कि मंजुला पूर्व में बीजेपी की पार्षद रही हैं. अब उन्होंने खुद सामने आकर अपनी बात रखने का फैसला किया है. हमेशा से बीजेपी के साथ थीं, हैं और रहेंगी.

हालांकि, मंजुला ने आश्चर्य जताया है कि उनके फ्लैट पर इस तरह का काम हो रहा था. बीजेपी नेताओं ने कहा है कि मंजुला का अब उनकी पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. मंजुला 1997 से 2002 तक बीजेपी की पार्षद रही थीं. उन्होंने इसके बाद स्वास्थ्य कारणों से सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था.

मंजुला को यह जानकर भी हैरानी हुई थी कि उनके फ्लैट पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने छापा मारा. उन्होंने यह फ्लैट रेखा नाम की महिला को दिया हुआ था, जहां रेखा का भाई रंगराजू करीब एक साल से रह रहा था. मंजुला के बेटे श्रीधर नंजामुरी ने भी इंडिया टुडे से बात की. उन्होंने कहा कि पहले उन्हें बताया गया कि फ्लैट में चोर आए हैं, फिर कहा गया कि वहां पर गैरकानूनी काम चल रहा था. श्रीधर ने कहा कि पुलिस और निर्वाचन आयोग के अधिकारी काफी देर से घटनास्थल पर पहुंचे थे.

कांग्रेस ने इस मामले में राकेश और मंजुला का हाथ बताया है. राकेश भी मंजुला का रिश्तेदार है, पर पिछले कुछ सालों से उनके परिवारों के बीच बातचीत बंद थी. राकेश ने ही फ्लैट में गलत काम होने की सूचना पुलिस को दी थी. राकेश ने कहा है कि इस घटना के बाद से उन्हें स्थानीय कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से जान से मारने की धमकी मिली थी. राकेश को बीजेपी समर्थक बताया जा रहा है और कांग्रेस ने कहा था कि फ्लैट में वह रह रहा था, लेकिन फ्लैट मालकिन मंजुला के बेटे श्रीधर ने साफ किया है कि इस फ्लैट से राजेश का कुछ लेना-देना नहीं है.

इस मामले के सामने आने के बाद मंगलवार आधी रात को बेंगलुरु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इसके बाद कांग्रेस ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. बीजेपी ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. बुधवार को बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने चुनाव आयोग के समक्ष अपनी शिकायत भी दर्ज कराई थी.

चुनाव आयोग ने इस मामले में जांच की बात कही है और आश्वासन दिया है कि निष्पक्ष चुनाव कराए जाएंगे. निर्वाचन अधिकारियों को इस फ्लैट से स्टील के 2 ट्रंक मिले थे. इनमें 9,746 असली वोटर आईडी कार्ड भरे हुए थे. इसके साथ ही 1 लाख मतदाता पर्चियां भी मिली थीं.

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