बच्चों को पिलाई गई दूषित पोलियो की दवा, महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में

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नई दिल्ली। महाराष्ट्र, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश में टाईप-टू पोलियो विषाणु से युक्त दूषित पोलियो बूंदें बच्चों को पिलाई गई. स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा कि पोलियो की बूंदें गाजियाबाद की दवा कंपनी में बनाई गई थी.

मंत्रालय ने तीनों राज्यों को परामर्श जारी कर सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पोलियो निगरानी टीमें उन बच्चों का पता लगाएं जिन्हें दूषित बूंदें पिलाई गईंं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि निगरानी टीमों से कहा गया है कि बच्चों पर नजर रखी जाए और किसी भी तरह के लक्षण पर निगाह बनाए रखी जाए. यह देखने की जरूरत है कि विषाणु किस तरीके से प्रभावित करता है. सरकार ने टीके के कुछ बैचों के प्रदूषण की जांच के लिए एक कमिटी बनाई है.

अधिकारी ने कहा, “घबराने की कोई जरूरत नहीं है. प्रभावित जगहों में पोलियो के किसी भी लक्षण की पहचान करने के लिए देश में एक बेहतरीन सिस्टम है और सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है. तीन राज्यों में पोलियो निगरानी टीम को उन सभी बच्चों की निगरानी बढ़ाने के लिए कहा गया है जिन्हें दूषित बूंदें पिलाई गईंं.”

स्वास्थ्य मंत्रालय यह भी सुनिश्चित कर रही है कि राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत इन राज्यों में हर बच्चे को इनएक्टिवेटिड पोलियो वैक्सीन (आईपीवी) दिया जाए ताकि कोई बच्चा न चूक जाए.

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अब तक केवल एक बैच में टाईप-टू पोलियो विषाणु से युक्त दूषित बूंदें मिले जिसमें 50,000 शीशियां शामिल हैं. अधिकारी ने कहा कि दो और बैचों के वायरस से दूषित होने का संदेह है.

पोलियो रोधी दवा के दूषित होने का मामला तब सामने आया जब उत्तरप्रदेश की निगरानी रिपोर्ट में कुछ बच्चों के मल के नमूनों में इस विषाणु के होने के संकेत दिखे. मंत्रालय ने तुरंत इस कंपनी के टीकों को वापस लेने का भी आदेश दिया है.

केंद्रीय दवा नियामक द्वारा इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद बायोमेड प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया है. भारत के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ने कंपनी को ऑर्डर, बिक्री या डिस्ट्रीब्यूशन को रोकने के लिए कहा है.

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