जुबानी जंग के बाद ईरानी राष्ट्रपति से बात करना चाह रहे ट्रम्प

वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी राष्ट्रपति के साथ मिलने की पेशकश की है। यह बैठक बिना किसी पूर्व शर्त और जब ईरानी राष्ट्रपति चाहें आयोजित की जा सकती है। अमरीकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं को बताया कि मैं किसी के साथ मिलूंगा। मैं बातचीत करने में विश्वास करता हूं।
ट्रम्प का यह समझौता बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने और ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने इस महीने की शुरुआत में एक-दूजे को चेतावनियां दी थीं।

ईरान के दुश्मनों का दोस्त है अमरीका

मई माह में अमरीका ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को हटाने के बदले में एक समझौता छोड़ दिया था।

इससे ईरान की परमाणु गतिविधियां रुक गईं थीं।

ब्रिटेन,फ्रांस, चीन, रूस और जर्मनी से आपत्तियों के बाद भी वाशिंगटन एक दिन में ही तेहरान पर फिर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है।

अमरीका मध्य-पूर्व में ईरानी गतिविधियों पर पूरी तरह चौकस है।

ईरान के दो दुश्मनों इजरायल और सऊदी अरब का अमरीका सहयोगी है।

वार्ता के लिए होगा मार्ग प्रशस्त

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी के सलाहकार हामिद अरालेबी ने ट्रम्प की इस पेशकश पर ट्वीट किया कि

‘परमाणु समझौते पर लौटना’ और ‘ईरानी राष्ट्र के अधिकारों’ का सम्मान करना वार्ता के लिए मार्ग प्रशस्त करेगा।

…तो करेंगे बैठक का समर्थन

इसके तुरन्त बाद अमरीकी सचिव माइक पोम्पिओ ने कहा कि

यदि ईरान अपना व्यवहार बदलने को तैयार है तो वे इस बैठक का समर्थन करते हैं।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति समस्याओं को निपटाने के लिए लोगों से मिलना चाहते हैं।

ईरानी क्रांति के बाद पहली बैठक

यदि अमरीकी और ईराकी राष्ट्रपति की बैठक होती है तो

यह वर्ष 1979 में हुई ईरानी क्रांति के बाद दोनों के बीच पहली मुलाकात होगी।

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