बाल यौन शोषण छिपाने के आरोप में ऑस्ट्रेलिया के कैथोलिक आर्कबिशप को सजा

केनबरा। ऑस्ट्रेलिया में वर्ष 1970 के दशक में बाल यौन शोषण छिपाने के आरोप में कैथोलिक आर्कबिशप फिलिप

विल्सन को 12 माह की अधिकतम सजा दी गई है।

इसी के साथ एडीलेड के आर्कबिशप फिलिप विल्सन सजा पाने वाले दुनिया के सबसे उम्रदराज कैथोलिक बन गए।

पिछले महीने फिलिप विल्सन को न्यू साउथ वेल्स की अदालत ने एक पादरी द्वारा एक नाबालिग से किए गए

यौन शोषण को छिपाने का दोषी पाया था।

मंगलवार को अदालत ने फिलिप विल्सन को ‘घरेलू हिरासत’ में रखने का आदेश दिया।

इसका मतलब यह है कि शायद फिलिप विल्सन जेल जाने से बच जाएंगे।

6 माह बाद होंगे पैरोल के पात्र

मजिस्ट्रेट रॉबर्ट स्टोन ने कहा कि वरिष्ठ पादरी ने कोई पछतावा या विरोध नहीं किया।

ऐसे में वे छह माह बाद पैरोल के लिए पात्र होंगे।

फिलिप ने आर्कबिशप के रूप में अपने कर्तव्यों को छोड़ दिया है, लेकिन, अभी तक उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है।

यह है मामला

दरअसल, 1970 के दशक में फिलिप विल्सन के सहयोगी पादरी जेम्स पैट्रिक फ्लेचर बच्चों का यौन शोषण करते

थे। कई बच्चों ने फ्लेचर की शिकायत फिलिप विल्सन से की। फिलिप विल्सन ने ना तो फ्लेचर को रोका और ना ही

पुलिस में शिकायत की। इसके उलट फिलिप ने बच्चों को कहा कि वे इस बारे में किसी को ना कहें। अभी कुछ माह

पहले एक व्यक्ति ने फिलिप विल्सन पर फ्लेचर को बचाने का आरोप लगाया था। जब यह व्यक्ति नाबालिग था, तब

फ्लेचर ने उसका भी यौन शोषण किया था। इस पर इसने फिलिप विल्सन को फ्लेचर के बारे में बताया, तब फिलिप

ने इसे चुप रहने को कहा। इस व्यक्ति की शिकायत के बाद ऐसे कई और शिकायतकर्ता सामने आ गए। इसके बाद

मामला अदालत में पहुंचा। पिछले महीने मई में अदालत ने भी अपनी जांच में फिलिप पर लगे इन दोषों को सही

पाया।

फ्लेचर को हुई थी सजा

फ्लेचर को वर्ष 2004 में नौ बाल यौन शोषण के आरोपों के लिए दोषी पाया गया था।

इस मामले में उन्हें सजा हुई और दो साल बाद जेल में उनकी मौत हो गई।

कोर्ट ने फिलिप के दावों को नहीं माना सही

मुकदमे के दौरान फिलिप ने अदालत ने कहा कि उन्हें फ्लेचर के काले कारनामों के बारे में जानकारी नहीं थी।

इस पर एक व्यक्ति पीटर ने अदालत को बताया कि उसने 1976 में विल्सन को अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में

बताया था। इस पर विल्सन ने कहा कि इतने साल बाद उन्हें याद नहीं कि पीटर ने उनसे क्या कहा था।

इस दौरान फिलिप को अल्झाइमर रोग से पीडि़त बता उनके वकीलों ने अदालत को गुमराह करने का भी प्रयास

किया। हालांकि, अदालत ने फिलिप विल्सन के बयानों को सही नहीं माना।

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