महिलाओं के लिए वरदान साबित होगा ये अविष्कार

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ऐसा नहीं है कि देश में संसाधन या महिलाओं के लिए सुरक्षित उपकरण बनाने वालों की कमी है. अगर सरकार अपने भारी भरकम बजट से थोड़ा सा भी खर्च ऐसे होनहारों पर करे तो, देश को अच्छे वैज्ञानिकों के साथ न जाने कितने ही संसाधन मिल जाएं, जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. आज हम दो ऐसे ही होनहारों के बारे में आपको बता रहे हैं, जो अखबारों में महिलाओं की दुर्दशा पढ़ उनके लिए कुछ कर गुजरने की सोच रखते हैं।
[छात्रों ने बनाई सैंडिल]
बिलासपुर शहर के भारत माता स्कूल में पढ़ने वाले दो बाल वैज्ञानिकों ने महिलाओं के लिए एक ऐसी खोज की है, जो आने वाले समय में काफी उपयोगी हो सकती है. कक्षा नौंवी का छात्र कृष्टि जार्ज एंथनी और 11वीं के छात्र मोहम्मद समीर ने सैंडिल का आविष्कार किया है, जो महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इन दोनों बच्चों ने एक ऐसी सैंडिल तैयार की है, जो युवतियों और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ करने वाले को जोरदार करंट का झटका दे सकती है. इस सैंडल में एक खास तरह का बटन भी लगाया गया है, जिससे खतरा महसूस होने पर महिला सैंडल के जरिये सीधे पुलिस को लोकेशन भेज देगी. इसके बाद पुलिस जीपीएस सिस्टम से लोकेशन ट्रेस कर उस महिला के पास पहुंच सकती है.

कृष्टि और समीर वैश्विक स्तर पर महिला सुरक्षा के नाम पर देश की खराब स्थिति और अपने आस-पास के हालात को देखकर काफी चिंतित हुए. दोनों होनहारों के मन में महिला सुरक्षा को लेकर उपजी चिंता ही उनके नायाब खोज का कारण बनी और फिर उन्होंने अपने शिक्षक की मदद से करंट वाली सैंडिल का आविष्कार कर दिया. इन बच्चों की खोज को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा रहा है और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन के तरफ से काफी सराहना भी मिल रही है. यह खास सैंडल महज 700 रुपये तक में तैयार हो जाती है।

निश्चित रूप से कृष्टि और समीर की ये खोज समाज में असुरक्षित महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है और उन विकृत मानसिकता के लोगों के लिए एक चेतावनी भी जो महिलाओं को कमजोर समझते हैं।

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