मांगों के पूरी नहीं होने पर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे रेजीडेंट

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महानगर संवाददाता
कहा: कई प्रदर्शनों के बाद भी नहीं
हो रहा जार्ड एसोसिएशन की मूलभूत समस्याओं का समाधान
जयपुर। विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशभर  के रेजीडेंट चिकित्सकों में इन दिनों गहरा आक्रोश छाया हुआ है। इस मामले में जार्ड एसोसिएशन के सदस्यों का कहना है यदि उनकी मांगों को जल्दी ही पूरा नहीं किया जाता है तो प्रदेश के 8 मेडिकल कॉलेजों के रेजीडेंट सोमवार से हड़ताल पर जाएंगे।
जयपुर जार्ड एसोसिएशन के सदस्यों के अनुसार  रेजीडेंट चिकित्सकों की सरकार ने अभी तक किसी भी मांग को पूरा नहीं किया है।  ऐसे में रेजीडेंट चिकित्सक मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। जार्ड एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रवि जाखड़ ने बताया कि कई बार एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सहित चिकित्सा मंत्री तक को इस संबंध में ज्ञापन दिया जा चुका है।
 और रेजीडेंट चिकित्सकों की मूलभूत समस्याओं से अवगत करवाया जा चुका है । इसके बाद भी सरकार ने अभी तक रेजीडेंट चिकित्सकों की एक भी मांग नहीं मानी है। ऐसे में  रेजीडेंट चिकित्सकों में काफी निराशा है, और अपनी मांगों के पूरी नहीं होने पर रेजीडेंट चिकित्सक सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी मेडिकल कालेज प्रशासन और सरकार की होगी ।
ये हैं रेजीडेंट चिकित्सकों की प्रमुख मांग
रेजीडेंट चिकित्सकों की आवास की समस्या को तत्काल दूर किया जाए ।
सीनियर रेजीडेंटशिप केवल एक वर्ष तक की जाए ।
नॉन सर्विस रेजीडेंट को पीजी करने के बाद सरकारी सेवा में तीन बर्ष की अवधि में बिहार और अन्य राज्यों की तरह प्रमोशन का लाभ दिया जाए ।
दंत चिकित्सक कल कलेक्ट्रट में करेंगे विरोध प्रदर्शन
अखिल राजस्थान दंत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दंत चिकित्सक संघ की लगातार चल रही धरना एवं रैली को आगे बढ़ाते हुए वे रविवार को कलेक्ट्रट परिसर में धरना प्रदर्शन करेंगे। अखिल राजस्थान दंत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार मीणा ने बताया कि दंत चिकित्सकों ने सरकार से पीएचसी में नवपद सर्जित करने की प्रमुख मांग की थी । ताकि शहरी क्षेत्रों के लोगों को मुख रोग कैंसर की बीमारी की सुविधा प्राप्त हो लेकिन सरकार की बेरूखी के चलते अभी तक दंत चिकित्सक ों के अभी नए पद सर्जित नहीं किए गए हैं। ऐसे में दंत चिकित्सकों में इन सब मांगों को लेकर रोष छाया हुआ है।
अस्पतालों में बढ़ेंगी मरीजों की परेशानियां
सोमवार से यदि प्रदेश के आठ मेडिकल कालेजों के रेजीडेंट चिकित्सक यदि हड़ताल पर जाते हैं तो मेडिकल कालेजों से जुड़े सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ेगा । गौरतलब है कि प्रदेश में पांच हजार से अधिक रेजीडेंट चिकित्सक हैं। लेकिन यदि रेजीडेंट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हैं तो एसएमएस मेडिकल कालेज सहित प्रदेश के अन्य मेडिकल कालेजों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ सकता है। इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्थाओं का दावा किया जा रहा है।
ये हैं रेजीडेंट चिकित्सकों की प्रमुख मांगें
द्द रेजीडेंट चिकित्सकों की आवास की समस्या को तत्काल दूर किया जाए।
द्द सीनियर रेजीडेंटशिप केवल एक वर्ष तक की जाए।
द्द नॉन सर्विस रेजीडेंट को पीजी करने के बाद सरकारी सेवा में तीन वर्ष की अवधि में बिहार और अन्य राज्यों की तरह प्रमोशन का लाभ दिया जाए।
दंत चिकित्सक कल कलेक्ट्रेट में करेंगे विरोध प्रदर्शन
अखिल राजस्थान दंत चिकित्सक संघ के पदाधिकारियों ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि दंत चिकित्सक संघ की लगातार चल रही धरना एवं रैली को आगे बढ़ाते हुए वे रविवार को कलेक्टे्रट परिसर में धरना प्रदर्शन करेंगे। अखिल राजस्थान दंत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष डॉ. संदीप कुमार मीणा ने बताया कि दंत चिकित्सकों ने सरकार से पीएचसी में नवपद सर्जित करने की प्रमुख मांग की थी। ताकि शहरी क्षेत्रों के लोगों को मुख रोग कैंसर की बीमारी के उपचार की सुविधा प्राप्त हो लेकिन सरकार की बेरुखी के चलते अभी तक दंत चिकित्सक ों के नए पद सर्जित नहीं किए गए हैं। ऐसे में दंत चिकित्सकों में इन मांगों को लेकर रोष छाया हुआ है।
अस्पतालों में बढ़ेंगी मरीजों की परेशानियां
सोमवार से यदि प्रदेश के आठ मेडिकल कॉलेजों के रेजीडेंट चिकित्सक यदि हड़ताल पर जाते हैं तो मेडिकल कॉलेजों से जुड़े सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ेगा। गौरतलब है कि प्रदेश में पांच हजार से अधिक रेजीडेंट चिकित्सक हैं। लेकिन यदि रेजीडेंट अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाते हैं तो एसएमएस मेडिकल कॉलेज सहित प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ सकता है।
इस मामले में वैकल्पिक व्यवस्थाओं का दावा किया जा रहा है।

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