मानसरोवर यात्रा मार्ग में फंसे 340 से अधिक भारतीयों को निकाला सुरक्षित

काठमांडो। कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग में फंसे 340 से अधिक भारतीयों को नेपाल के सिमीकोट से निकाला गया है। दरअसल, ये लोग खराब मौसम के कारण वहां फंस गये थे। लेकिन शुक्रवार को इन लोगों को वहां से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।

तीर्थस्थान से लौटते समय नेपाल में फंसे लोगों को निकालने के लिये विमानों और हेलीकाप्टरों का प्रयोग किया जा रहा है। बचाये गये लोगों को भारतीय सीमा के करीब स्थित दो नगरों नेपालगंज और सुर्खेत ले जाया गया जहां बेहतर चिकित्सा एवं आधारभूत सुविधाएं हैं।

भारतीय दूतावास का ट्वीट, ’21 विमानों, दो निजी हेलीकाप्टरों की मदद से कुल 342 तीर्थयात्रियों को आज सिमीकोट से नेपालगंज और सुर्खेत पहुंचाया गया ।’

मिशन ने कहा, ‘दूतावास ने बचाये गये श्रद्धालुओं को सुर्खेत से नेपालगंज पहुंचाने के लिये बस सेवा का इंतजाम किया ।’
सिमीकोट से दूतावास के एक अधिकारी ने कहा कि तिब्बत सीमा के पास हिल्सा में फंसे श्रद्धालुओं की संख्या अब ‘न के बराबर’ है। उन्होंने कहा कि सुर्खेत और नेपालगंज पहुंचाये गये कई तीर्थयात्री भारत रवाना हो चुके हैं।
अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी राज्य परिवहन बसों को लगाकर प्रक्रिया में मदद की है।

भारतीय दूतावास ने कहा था कि कल हिल्सा से 275 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित निकाला गया । इससे बीते तीन दिन में सुरक्षित पहुंचाये गये लोगों की संख्या 675 हो गई थी।

मिशन ने गुरुवार को कहा था कि सिमीकोट और सुर्खेत में उसके शिविर कार्यालय पूरी तरह से काम कर रहे हैं।

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