मैक्सिको में हिंसा के बाद शुरू मतदान…सुरक्षा चाक-चौबंद

मैक्सिको। मैक्सिको में राष्ट्रपति, संसदीय और स्थानीय चुनावों के लिए रविवार को भी मतदान चालू रहेगा।

राष्ट्रपति पद के लिए फ्रंट पार्टी की ओर से आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर को प्रत्याशी बनाया गया है। पूर्व में ये मैक्सिको सिटी में लेफ्ट विंग के मेयर भी रह चुके हैं।

इन्होंने भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया हुआ है।

यदि ये राष्ट्रपति का चुनाव जीतते हैं तो वे क्रांतिकारी पार्टी (पीआरआई) और

नेशनल एक्शन पार्टी (पैन) को सत्ता से बेदखल कर देंगे, इन दोनों पार्टियों ने

मैक्सिको पर लगभग एक शताब्दी तक शासन किया है।

हालांकि, राजनीतिक हिंसा के खिलाफ दशकों से मैक्सिको में अभियान चलाए जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि चुनाव अभियान के दौरान हुई हिंसा के चलते मतदान होने पर

संशय था, लेकिन सुरक्षा बलों ने इसे काबू में कर लिया।

इसलिए रविवार को अवकाश के दिन भी मतदान शुरू रहा।

अपने-अपने चुनावी वादे

मैक्सिको मीडिया का कहना है कि कई मतदाता अभी भी मौजूदा राष्ट्रपति एनरिक पेना निटो को ही दोबारा से राष्ट्रपति देखना चाहते हैं।

वे मैक्सिको की सुस्त अर्थव्यवस्था के साथ-साथ व्यापक भ्रष्टाचार और अपराध पर खासे नाराज हैं।

वहीं राष्ट्रपति पद के दावेदार एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्राडोर ने भ्रष्टाचार से निपटने के लिए अपने अभियान की केन्द्रीय योजना बनाई है।

उन्होंने अपने चुनावी वादों में पेंशन में सुधार, मजदूरों से हो रहे दुव्र्यवहार को दूर करने की बात कही है।

उनका कहना है कि राजनेताओं और बिजनेस टाइकून की ओर से इन लोगों का शोषण किया जा रहा है, वे इन लोगों की भलाई के लिए कार्य करेंगे।

88 मिलियन लोग करेंगे मतदान

मैक्सिको के लोग नए राष्ट्रपति, मैक्सिकन कांग्रेस के साथ-साथ राज्य और स्थानीय अधिकारियों में 128 सीनेटर और 500 प्रतिनिधियों के लिए मतदान करेंगे।

करीब 88 मिलियन लोग इन लोगों को इस पद के लिए चुनेंगे।

40 फीसदी से अधिक आबादी गरीब

मैक्सिको लैटिन अमरीका की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और एक प्रमुख तेल निर्यातक भी है।

हालांकि, तेल की कीमतें गिरने से मैक्सिको की मुद्रा पेसो डॉलर के मुकाबले नीचे गिर गई है।

मैक्सिको में करीब 40 फीसदी से अधिक आबादी गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करती है।

मैक्सिको में व्याप्त भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते कई कम्पनियों ने यहां से अपना कारोबार समेट लिया।

पत्रकारों के लिए है कब्रगाह

मैक्सिको में सितम्बर में चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद देशभर में करीब 130 से अधिक उम्मीदवार और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है।

दक्षिण राज्य क्विंटाना के सबाना गांव में एक पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पत्रकारों के लिए दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में मैक्सिको का नाम सबसे ऊपर है।

इसलिए मैक्सिको को पत्रकारों का कब्रगाह कहा जाए तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।

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