मोदी सरकार का बड़ा फैसला आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण

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नई दिल्ली। चार महीने के बाद होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने बड़ा दांव खेला है. सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान निर्णय किया गया है कि अब सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा. संभवतः इस संबंध में मंगलवार को संविधान संशोधन बिल पेश किया जा सकता है. माना जा रहा है बीते दिनों में सरकार के खिलाफ दिखी नाराजगी को दूर करने के लिए मोदी सरकार ने ये बड़ा फैसला लिया है। 
कैबिनेट बैठक के दौरान लिए निर्णय के तहत ये आरक्षण आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को मिलेगा. पिछले वर्ष एससी/एसटी एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद जिस तरह से सरकार ने फैसला बदल दिया था. उससे सवर्णों में खासी नाराजगी बनी हुई थी. माना जा रहा है कि इस नाराजगी को देखते हुए मोदी सरकार ने लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सवर्णों के लिए आरक्षण की घोषणा करके बड़ा दांव खेल दिया है. कैबिनेट की बैठक के दौरान सवर्णों के आरक्षण के लिए संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी गई है. जिसके बाद अब संविधान संशोधन बिल मंगलवाल को संसद में पेश किया जा सकता है. आपको बता दें कि आरक्षण का कोटा मौजूदा 49.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 59 प्रतिशत कर दिया जाएगा। 
इसमें से 10 फीसदी कोटा आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए होगा. बता दें कि लंबे समय से आर्थिक रूप से पिछले सवर्णों के लिए आरक्षण की मांग की जा रही थी, जिस पर अब कोई फैसला आया है. आपको बता दें कि मंडल कमिशन के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने भी इस तरह की कोशिश की थी. लेकिन, आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत होने के कारण उस समय इस मुद्दे पर आगे कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी. लेकिन, इस बार मोदी सरकार आरक्षण के बेसिक स्ट्रक्चर में बदलाव की तैयारी कर ली है।
आरक्षण से जुड़े कुछ अहम बातें:
15(4) और 16(4) के तहत यदि साबित हो जाता है कि किसी समाज या वर्ग का शैक्षणिक संस्थाओं और सरकारी सेवाओं में उनका पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है तो आरक्षण दिया जा सकता है.
1930 में HV स्टोर कमेटी ने पिछड़े जातियों को ‘दलित वर्ग’, ‘आदिवासी और पर्वतीय जनजाति’ और ‘अन्य पिछड़े वर्ग’ (OBC) में बांटा था.
भारतीय अधिनियम 1935 के अंतर्गत ‘दलित वर्ग’ को अनुसूचित जाति और ‘आदिम जनजाति’ को पिछड़ी जनजाति नाम दिया गया था.
केंद्र के द्वारा दिया गया आरक्षण:
अनुसूचित जाति (SC)     15 %
अनुसूचित जनजाति (ST)     7.5 %
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)     27 %
कुल आरक्षण     49.5 %
बाकी 50.5 % आरक्षण जनरल कैटेगरी के लिए रखा गया, जो कि SC/ST/OBC के लिए भी खुला है.
अब सवर्णों को भी 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा.

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