रजिस्ट्रीकरण राजस्थान संशोधन अध्यादेश 2018 को विधानसभा में रखने की मिली मंजूरी

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अभी तक पंजीयन संबंधी नियमों के लिए आईजी पंजीयन अधिकृत थे। लेकिन अध्यादेश में प्रावधान किया गया है कि राज्य सरकार भी इसके लिए जरूरी नियम समय-समय पर बना सकेगी। वहीं विधि विरुद्ध दस्तावेजों का पंजीयन करने से इनकार किया जा सकेगा।
 संशोधन अध्यादेश में ई पंजीयन व्यवस्था लागू करने के लिए संशोधन किया है। इसके तहत पंजीयन के लिए दस्तावेजों की ऑनलाइन प्रस्तुति होगी। साथ ही पंजीयन की सारी कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक होगी। अध्यादेश के जरिए अचल संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन अनिवार्य कराया गया है।
प्रावधान के अनुसार उप पंजीयक एब्सेंट या नहीं होने पर अन्य अफसर की भी नियुक्ति संभव है। यह भी प्रावधान किया गया है कि पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए दस्तावेज पंजीयन के लिए प्रस्तुत हो तो मूल स्वामी के होने का साक्ष्य पेश करना होगा।
संपत्ति हस्तांतरण में दस्तावेज पंजीयन और अचल संपत्ति के दस्तावेजों का पंजीयन अब अनिवार्य होगा। साथ ही पंजीयन अधिकारियों को यदि आदेश की प्रति भेजने में विफल होता है तो अधिकारी के खिलाफ दंड का प्रावधान भी सुनिश्चित किया गया है। यह अध्यादेश विधानसभा में रखा जाएगा। जिसकी मंजूरी के बाद यह कानून का रूप लेगा। गौरतलब है कि इन दिनों ई स्टांप के खिलाफ कामकाज ठप पड़ा हुआ है।

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