राजस्थान जीतना है तो अपनाओ कैराना का फार्मूला, जयंत चौधरी

जयपुर । यूपी की कैराना लोकसभा सीट को भाजपा के हाथ से छीनने के लिए विपक्षी दलों की ओर से बनाए चक्रव्यूह की सफलता के बाद इसे राजस्थान जीत के फार्मूले के तौर पर पेश किया जा रहा है।

आरएलडी (राष्ट्रीय लोक दल) के जयंत चौधरी ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए साफ कर दिया है

कि भाजपा को हराना है तो कैराना के फार्मूले को राजस्थान, मध्यप्रदेश के साथ ही 2019 के आमचुनाव में भी अपनाना होगा।

कैराना जीत से उत्साहित आरएलडी के जयंत चौधरी ने इस फार्मूले को आगे रखते हुए कहते हैं

कि इस जीत से कांग्रेस सबक लेती है तो राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश और 2019 में सफलता हासिल करते हुए सरकार बनाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में क्षेत्रीय पार्टियां मजबूत नहीं हैं,

यही वजह है कि सीधा मुकाबला हर बार कांग्रेस और भाजपा के बीच होता रहा है।

कांग्रेस को इन राज्यों में अपनी स्थिति को बेहद मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय दलों को अपने साथ लाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास इस तरह की कोई वजह नहीं है,

जिससे वह क्षेत्रीय पार्टी को साथ नहीं ला सकती

कांग्रेस जहां भी प्रमुख विपक्ष के रुप में है, वहां बसपा और आरएलडी आदि को साथ में लेकर मजबूत हो सकती है।

आरएलडी नेता जयंत चौधरी की इस नसीहत के बाद से सियासी गलियारे में कांग्रेस की

ओर से आगामी चुनावों को देखते हुए किेए जाने वाले गठबंधन पर चर्चा तेज हो गई है।

कांग्रेस की ओर से क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन की शुरूआत बिहार में महागठबंधन के रूप में करने के साथ ही

यही तरीका कर्नाटक में सरकार बनाते समय बिना शर्त जेडीएस को समर्थन देकर अपनाया।

इसके बाद में राजस्थान में भी कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।

हालांकि, इस मामले में अभी तक कांग्रेस और बसपा की ओर से कुछ स्पष्ट नहीं किया गया है।

लेकिन, मौजूदा हालात में भाजपा से पार पाने के लिए माना जा रहा है कि

कांग्रेस गठबंधन पॉलिटिक्स को आगे भी अपना सकती है।

गौरतलब है कि कैराना लोकसभा सीट से प्रत्याशी  तबस्सुम की जीत के लिए जयंत को बीजेपी के खिलाफ सपा, बसपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां से हाथ मिलाना पड़ा था ।

इस जीत के बाद से इसे आगे के चुनाव में प्रमुख फॉर्मूले के रूप में अपनाया जा सकता है।

इस साल के अंत में  राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव है।

तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार है।

माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार इन राज्यों में खोई हुई जमीन को हासिल

करने के लिए गठबंधन पॉलिटिक्स की तरफ कदम बढ़ा सकती है।

Read Also:
  • 1
    Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...