राज्य स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह में 64 विद्यार्थी हुए सम्मानित

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जयपुर। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने कहा है कि हिन्दी देश को जोड़ने वाली भाषा है। इस भाषा को संरक्षण की नहीं, बल्कि जन-जन तक पहुंचाने, विश्व संपर्क भाषा बनाने की जरूरत है। उन्होंने हिन्दी को ज्ञान-विज्ञान की उत्कृष्ट भाषा के रूप में प्रतिष्ठित किए जाने का आह्वान किया है।

देवनानी आज यहां जवाहर कला केन्द्र में राज्य स्तरीय हिन्दी दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हिन्दी पर गौरव की अनुभूति करें तथा इसे भारतीय संस्कृति समझते हुए इसके प्रचार-प्रसार में सभी सहभागी बनें। उन्होंने हिन्दी की शब्दावली विकसित करने के साथ ही प्राचीन विज्ञान, चिकित्सा पद्धति, तकनीकी ज्ञान को हिन्दी में अधिकाधिक प्रस्तुत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रबंध, तकनीकी और विज्ञान में हिन्दी में अधिकाधिक लेखन होगा, तभी यह और अधिक विकसित होगी।

शिक्षा राज्यमंत्री ने हिन्दी के जरिए विष्वभर में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विष्वभर के ज्ञान को हिन्दी में उपलब्ध कराने के अधिकाधिक जतन किए जाएं। इसी से हिन्दी जन-जन की भाषा बनेगी और इसका गौरव बढ़ेगा। उन्होंने नई पीढ़ी को हिन्दी भाषा से जोड़े जाने के लिए व्यावहारिक प्रयास निरंतर किए जाने पर जोर दिया।
समारोह में देवनानी ने हिन्दी भाषा में शत-प्रतिषत अंक प्राप्त करने वाले 64 विद्यार्थियों को सम्मानित किया।

इस मौके पर केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय द्वारा प्रकाषित ‘वृहत् हिन्दी शब्दकोष’ का भी लोकार्पण किया गया। इस मौके पर डाॅ. संगीता सक्सेना को ‘हिन्दी सेवा पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। उन्हें राज्य सरकार द्वारा हिन्दी में उल्लेखनीय लेखन सेवाओं के अन्तर्गत 50 हजार राषि एवं प्रषस्ति पत्र प्रदान कर देवनानी तथा अन्य अतिथियों ने सम्मानित किया।

समारोह के मुख्य वक्ता और पेसिफिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रसाद ने हिन्दी की संस्कृति का प्रसार किए जाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय वैदिक परम्परा से संस्कृत और हिन्दी की जड़े जुड़ी है। इन जड़ो को निरंतर हरा किए जाने की जरूरत है। वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्दावली आयोग के अध्यक्ष डाॅ. अवनीश कुमार ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के साथ ही ज्ञान की भाषा हिन्दी है। यह भारत की एकता-अखण्डता की सूत्रधार है। कुरूक्षेत्र विष्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. कैलाश चन्द शर्मा ने कहा कि भाषा जीवन मूल्य देती है। हिन्दी का विकास इसके अधिकाधिक प्रयोग करने से होगा। उन्होंने कहा कि समाचार माध्यम हिन्दी के शब्दों का ऐसा प्रयोग प्रचलित करें जो जन-जन को हिन्दी से जोड़ सकें। समारोह में सभी का आभार भाषा एवं पुस्तकालय विभाग के निदेशक अश्फाक हुसैन ने जताया। पूर्व में डाॅ. ममता शुक्ला ने हिंदी महत्व पर प्रकाश डाला।

भाषा परिचय का लोकार्पण

शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने समारोह में भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की पत्रिका ‘भाषा परिचय’ के हिन्दी विशेषांक का लोकार्पण किया। इस पत्रिका की संपादक एवं भाषा एवं पुस्तकालय विभाग की उपनिदेशक डाॅ. ममता शुक्ला ने बताया कि विशेषांक में हिन्दी भाषा के गौरव के साथ ही भाषा के विष्वव्यापी प्रसार के हो रहे प्रयासों पर देष के प्रमुख लेखकों की रचनाएँ प्रकाशित की गई है।

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