राष्ट्रपति चुनने के लिए जिम्बाब्वे में मतदान शुरू…मुगाबे के बिना पहले चुनाव

हरारे। जिम्बाब्वे में पहली बार ऐसा हो रहा है कि लम्बे समय तक नेता रहे रॉबर्ट मुगाबे के बिना ही इस बार चुनाव हो रहे हैं। देश के संस्थापक राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगावे करीब चार दशक तक सत्ता में रहे। पिछले साल एक विद्रोह के बाद उन्हें सत्ता से हटा दिया गया था। राष्ट्रपति चुनाव में सत्तारूढ़ पार्टी जैनू-पीएफ पार्टी की ओर से मुख्य दावेदार एम्मरसन मंगागावा और विपक्षी नेता नेल्सन चमिसा हैं। जिम्बाब्वे में सोमवार को संसदीय के साथ स्थानीय चुनाव भी हो रहे हैं।

आधे मतदाता 35 साल से कम

इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति मुगाबे ने कहा कि वे अपने उत्तराधिकारी मंगागाव के लिए वोट नहीं करेंगे।

देश में पहली बार मतदान का प्रतिशत बहुत ज्यादा होगा।

मतदाता बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा ले रहे हैं।

इस चुनाव में युवाओं की अहम भूमिका होगी।

कुल मतदाताओं में से करीब आधे मतदाता 35 वर्ष से कम आयु के हैं।

शांतिपूर्ण चुनाव के लिए अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक तैनात

जिम्बाब्वे में शांतिपूर्ण मतदान के लिए सैकड़ों अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को तैनात किया गया है।

लेकिन, विपक्ष बार-बार मतदाता रोल में गड़बड़ी के आरोप लगा रहा है।

विपक्ष ने मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में मतपत्रों की सुरक्षा और

मतदाताओं को मिलने वाली धमकी पर भी चिंता जाहिर की।

…तो होंगे सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति

विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार चमिसा सिर्फ 25 वर्ष की आयु में ही सांसद चुने गए।

यदि वे चुनाव में जीतते हैं तो जिम्बाब्वे में सबसे कम उम्र के राष्ट्रपति बन सकते हैं।

उन्होंने देश की बर्बाद अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने का वादा किया है।

हालांकि, ज्यादा वादे करने के चलते उनकी आलोचना भी की गई।

इन वादों में हाई स्पीड बुलेट ट्रेन की शुरुआत और जिम्बाब्वे में ओलम्पिक लाना था।

पूर्व राष्ट्रपति मुगाबे की ओर से प्रेस कांफ्रेंस में अपनी तारीफों से वे फिर से उत्साहित हो गए हैं।

मंगागावा को समर्थन देने से किया इनकार

सेना के कब्जे के बाद नवम्बर में इस्तीफा देने वाले मुगाबे ने अपने पूर्व सहयोगी

मंगागावा का इन चुनावों में समर्थन करने से इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें पीड़ा दी, वे उनके लिए वोट नहीं दे सकते हैं।

मुझे आशा है कि चुनाव नतीजे सैन्य सरकार को उखाड़ फेंकेगी और हमें संवैधानिकता वापस मिलेगी।

चमिसा को राष्ट्रपति पद के लिए एकमात्र व्यवहार्य उम्मीदवार बताया था।

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