रिश्ते सुधारिए, ग्रह अपने आप सुधर जाएंगे

महानगर संवाददाता
राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का समापन
जयपुर। अखिल भारतीय प्राच्य ज्योतिष शोध संस्थान की ओर से शास्त्रीनगर स्थित साइंस पार्क में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय ज्योतिष सम्मेलन का शनिवार को सम्मान समारोह के साथ समापन हुआ।
आखिरी दिन भी देश के विभिन्न शहरों से ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं के विशेषज्ञ ज्योतिषियों ने पत्र वाचन किया। पानीपत से आए नंदकिशोर ने लाल किताब के आधार पर लड़के-लड़की की विवाह की आयु पर पत्रवाचन किया। उन्होंने कहा कि दो या तीन ग्रहों की युति के आधार पर विवाह की उम्र तय होनी चाहिए अन्यथा तलाक की नौबत आ जाएगी। शुक्र और सूर्य की युति हो तो 22 और 25वें वर्ष में विवाह नहीं करना चाहिए। सूर्य लग्न में हो और सातवां भाव खाली हो तो 24वें साल में विवाह नहीं करना चाहिए। अजमेर से आए दीपक शास्त्री ने हस्त रेखा और ज्योतिष के तालमेल पर जोर दिया। कुछ बिंदुओं पर ज्योतिष और हस्तरेखा की गणना विपरीत होती है।
उन्होंने कहा कि हाथ में सवा लाख रेखाएं होती हैं उन्हें पढऩा आसान है इसलिए इसका बारीकी से अध्ययन जरूरी है। जयपुर की शालिनी सालेचा ने कहा कि ज्योतिषी जातक के ग्रह दोष निवारण के रत्न धारण संबंधी उपाय बताने के साथ-साथ ग्रहों से संबंधित व्यक्तियों की सेवा और सम्मान पर भी जोर दें। सूर्य कमजोर है तो पिता की सेवा करें, मंगल कमजोर है तो छोटे भाई से प्रेम व्यवहार रखें, उसकी मदद करें, भुआ से मधुर व्यवहार रखने से बुध मजबूत होता है। निम्न स्तर के लोगोंं से प्रेमपूर्वक व्यवहार करने से शनि के दोष कम होते हैं।


उन्होंने कहा कि रिश्तों को जब तक नहीं सुधारेंगे तब तक ग्रह कुछ नहीं कर सकते। मोहनलाल शर्मा ने विवाह के लिए कुंडली मिलान के साथ लड़के-लड़की के आईक्यू मिलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मोटे पैकेज के आधार पर रिश्ता तय नहीं करें। के के ओझा ने विवाह की दशा और दिशा पर प्रकाश डाला। इस दौरान ज्योतिषियों की सबसे अच्छी कुंडली निकालकर भविष्यफल बताने की प्रतियोगिता भी हुई। सालासर बालाजी के पं. नरोत्तम पुजारी ने लड़का और लड़की के जन्म दिनांक संबंधित जानकारी देकर सबसे अच्छी कुंडली बनाने की प्रतियोगिता सबके सामने रखी। इस अवसर पर प्रो. ताराशंकर पांडेय, डॉ. लता श्रीमाली, पं. चंद्रशेखर शर्मा, पुरुषोत्तम गुप्ता, ज्योति पुजारी, प्रो. रमाकांत पांडेय, रामशरण नाटाणी, अशोक अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समन्वयक विनोद नाटाणी और सह संयोजक अनिल स्वामी ने सभी का स्वागत किया।

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