रेल यात्री ने मोदी को लिखी चिट्ठी, कहा- किन्नरों ने रुपए मांगें, नहीं दिए तो दी ट्रेन से फेंकने की धमकी

भोपाल. एक रेलयात्री ने किन्नरों से परेशान होकर पीएम नरेंद्र मोदी

और राष्ट्रपति के साथ ही सीएम अौर रेलवे अधिकारियों को चिट्ठी लिख दी।

इसमें उसने जो लिखा, उससे रेलवे की सुरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

हालांकि रेलवे ने इस पर कार्रवाई करते भोपाल से मुंबई के बीच हुए 43 किन्नरों को गिरफ्तार किया है।

यात्री ने प्रधानमंत्री को बताया कि ट्रेन में किन्नरों का आतंक है। वे रुपए मांगते हैं नहीं देने पर जलील करते हैं।

परिवार के साथ सफर करने में शर्म आती है। विरोध करो तो ट्रेन से फेंकने तक की धमकी देते हैं।

यात्री मुकेश विश्वकर्मा भोपाल के रहने वाले हैं जो बीते दिनों पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई जा रहे थे।

तब किन्नरों ने उन्हें परेशान किया। शिकायत के बाद रेलवे बोर्ड हरकत में आया और रेल सुरक्षा

बल (आरपीएफ) ने भोपाल से मुंबई के बीच अभियान चलाकर 43 किन्नरों को पकड़ा।

उनसे 24 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूल किया। इसके बाद भी ट्रेनों में किन्नरों का आतंक बंद नहीं हुआ है।

यात्री मुकेश विश्वकर्मा ने बताया कि वह 12 मार्च को पुष्पक एक्सप्रेस (12533) के

स्लीपर कोच में वह सफर कर रहे थे। उन्हें भोपाल से मुंबई के बीच किन्नरों ने परेशान किया।

अवैध वेंडर व भिखारी भी ट्रेन में गुटखा-तंबाकू बेच रहे थे। वे परेशान हो गए।

उन्होंने उसी दिन राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, प्रधानमंत्री व रेलमंत्री को चिट्ठी

लिखकर ट्रेनों में चल रही अवैध वसूली की जानकारी दी और कार्रवाई की मांग की।

उनके पत्र पर पीएमओ कार्यालय ने तत्काल संज्ञान लिया। डीजी आरपीएफ को कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके बाद 20 अप्रैल को रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर सिक्युरिटी क्राइम ने पत्र लिखकर किन्नरों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया।

10 अप्रैल को सेंट्रल रेलवे मुंबई के चीफ सिक्युरिटी कमिश्नर प्रणव कुमार ने यात्री को बताया कि 25 अप्रैल से 5 मई तक मुंबई व भुसावल मंडल में किन्नरों के खिलाफ 43 प्रकरण दर्ज किए। 24 हजार 500 रुपए वसूले।

भोपाल से होकर नई दिल्ली और मुंबई के बीच ट्रेनों में किन्नर और अवैध वेंडरों से मुकेश विश्वकर्मा जैसे दर्जनों यात्री परेशान हो रहे हैं। बता दें कि बीना से खंडवा के बीच

किन्नर जब चाहे तब यात्रियों से वसूली करते देखे जा रहे हैं।

जनरल डिब्बों में ऐसी घटना ज्यादा होती है। ये स्टेशन आने के पहले ही (आउटर पर) उतरकर भाग जाते जाते हैं।

कई बार यात्रियों के साथ मारपीट कर चुके हैं।

यात्रियों की मानें तो भोपाल व इटारसी जंक्शन से 24 घंटे में होकर गुजरने वाली करीब

250 ट्रेनों में किन्नर वसूली करते हैं। इसके कारण हजारों यात्री परेशान हैं।

ज्यादातर दिन की ट्रेनों में ये सक्रिय रहते हैं जो भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाते हैं।

एक अनुमान के मुताबिक ये महीने में लाखों रुपए की वसूली करते हैं।

मैं (मुकेश विश्वकर्मा) 12 मार्च को पुष्पक एक्सप्रेस (12533) के स्लीपर कोच में सफर कर रहा था।

ट्रेन में दर्जनों किन्नर चढ़ गए। कई तो नकली लग रहे थे। वे अवैध वसूली करने लगे।

कई यात्रियों ने उन्हें भय के कारण रुपए दिए। जिन्होंने नहीं दिए, किन्नर उन्हें डराने लगे,

जेब में जबरन हाथ डालकर रुपए निकाले। विरोध किया तो अर्द्धनग्न होकर महिला-बच्चों के सामने

अश्लील हरकते की, अपशब्द कहे। बद्दुआएं दी, पूरी तरह गुंडागर्दी पर उतर गए। सीधे-सादे यात्रियों को जमकर लूटा।

सफर के दौरान ऐसा कई बार हुआ।

जलगांव से लेकर वे मुंबई तक वसूली करते रहे। उन्हें कोई रोकने वाला नहीं था।

भोपाल से मुंबई के बीच भिखारी और अवैध वेंडरों ने भी परेशान किया। खुलेआम गुटखा-तंबाकू बेच रहे थे।

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