लोकतंत्र की हत्या किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे: पायलट

महानगर संवाददाता जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट और जयपुर जिलाध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या किए जाने के विरोध में केन्द्र सरकार का पुतला फूंका। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट सर्किल पर लोकतंत्र की हत्या बंद करो, तानाशाही नहीं चलेगी, नरेन्द्र मोदी मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए।

सभा को सम्बोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के दम पर भाजपा कर्नाटक में तानाशाहीपूर्ण तरीके से लोकतंत्र की हत्या करके सरकार बनाना चाहती है।

केन्द्र सरकार ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए राज्यपाल के जरिए येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाकर भारत के संविधान का अपमान किया है।

जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। देश में कानूनी मर्यादाओं को ताक पर रखकर विधायकों की खरीद-फरोख्त के जो प्रयास किए जा रहे हैं वो देश के लोकतंत्र के हित में नहीं हैं। जेडीएस और कांग्रेस के मिलने के बाद सरकार बनाने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस और जेडीएस का है।
पायलट ने कहा कि आज पूरे देश में कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र की हत्या के विरोध में सड़कों पर उतरी है। केन्द्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का गला घोंटकर देश में तानाशाही के जरिए लोकतंत्र की आवाज को बंद करना चाहती है,

कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करेगी। आज जयपुर सहित पूरे देश में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। ऐसे में यदि कहीं भी आंदोलन और धरने-प्रदर्शन करने पड़ेगें तो कांग्रेस चुप नहीं रहेगी।

देश में लोकतंत्र की हत्या करने के किसी भी प्रयास को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जयपुर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतापसिंह खाचरियावास ने कहा कि केन्द्र सरकार कर्नाटक के जरिए पूरे देश में टकराव का माहौल पैदा कर रही है।
यदि आंदोलन के दौरान कहीं भी कानून व्यवस्था बिगडी और टकराव की स्थिति पैदा हुई तो उसके लिए केन्द्र की भाजपा सरकार जिम्मेदार होगी।

प्रदर्शन के दौरान पूर्व सांसद महेश जोशी, पूर्व मंत्री बृजकिशोर शर्मा, कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा, ज्योति खण्डेलवाल, विक्रमसिंह शेखावत, मनोज मुदगल, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दुष्यंतराज सिंह चूण्डावत, सुशील शर्मा, रूपेशकांत व्यास, हनुमान मीणा, डॉ. प्रहलाद रघु, सुनील मीणा, सीताराम अग्रवाल, राजकुमार बागडा, सुरेश सैनी, विष्णु बियानी, सुधीर पारीक, लक्ष्मणदास मोरानी, धर्मसिंह सिंघानिया, साधुराम शर्मा, हितेश अडवानी, यशपाल सिंह, गंगा देवी, महेन्द्र सिंह, विजय गर्ग, जयकरण चारण, उम्मेद खां, रमेश बैरवा, रमेश शर्मा, सुमन गुर्जर, सरलेश राणा, मंजू शर्मा, संगीता गर्ग सहित सैकडों कार्यकर्ता मौजूद थे।

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