लोगो ने निकाली पुराने नोटों को इस्तेमाल करने की नयी तरकीब

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नई दिल्ली। नोटबंदी के कुछ समय बाद से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 500 और 1000 रुपए के नोट वापस लेने से इनकार कर दिया था। ऐसे में कई लोगों का पैसा कूड़ा बन गया था। लेकिन लोगों ने इसके इस्तेमाल की एक तरकीब खोज निकाली। हाल ही में खुलासा हुआ कि नवंबर 2016 और 9 दिसंबर 2018 के बीच माता वैष्णो देवी के मंदिर में भक्तों ने 1.90 करोड़ रुपए के प्रतिबंधित 500 और 1000 रुपए के नोट चढ़ाए हैं और ये सिलसिला अब भी जारी है। 31 दिसंबर 2018 से लेकर अबतक भक्तों द्वारा वैष्णो देवी में 40 लाख रुपए मूल्य के डिमोनेटाइज्ड नोट चढ़ाए गए हैं।

यहां पर भी चढ़ाए गए 164 करोड़ रुपए

आंध्र प्रदेश के तिरुमाला तिरुपति देवस्थलम के बाद भारत का दूसरा सबसे धनी तीर्थस्थान माता वैष्णो देवी है। 2018 में भक्तों ने यहां 164 करोड़ रुपए चढ़ाए हैं जिनमें से एक करोड़ रुपए 31 दिसंबर 2018 और 1 जनवरी 2019 को चढ़ाए गए। साफ है कि डिमोनेटाइजेशन और वस्तु एवं सेवा कर (GST) से भक्त प्रभावित नहीं हैं।

RBI ने किया इनकार

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड का कहना है कि दान में कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, कुछ भक्त अब भी डिमोनेटाइज्ड मुद्राओं का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक ने पुराने 500-1000 रुपए के नोटों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया क्योंकि इनका अब कोई महत्व नहीं है। हमारे लिए अब यह बिना मतलब की चीज है, इसे उपयुक्त तरीके से समाप्त कर दिया जाएगा।

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