वसुंधरा ने प्राइवेट बिजली खरीदकर सरकारी संपत्ति को लगाया चूना

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सुरेजवाला ने बताया कि चार में से तीन अहम निजी कंपनियों से बिजली खरीदकर वसुंधरा राजे सरकार ने प्रदेश की सरकारी संपत्ति को चूना लगाया है. सुरजेवाला ने कहा कि कांग्रेस की पिछली सरकार ने पांच साल में महज  6526 करोड़ की बिजली खरीदी, जबकि वसुंधरा सरकार ने 2013-14 में पांच हजार करोड़, 15-16  में 9 हजार करोड़, 16-17 में 10 हजार करोड़ की बिजली खरीदी. इस तरह राजे सरकार ने 5 साल में 41966 करोड़ की बिजली खरीदी।
सुरजेवाला ने आरटीआई का हवाला देते हुए आरोपों की बौछार करते हुए कहा कि भाजपा राज में 3 निजी कंपनियों से ही 26 हजार करोड़ की बिजली खरीदी गई, जिसमें सज्जन जिंदल की राज वेस्ट से 11 हजार खरीद की बिजली, अडानी पॉवर से 11934 करोड़ की बिजली खरीदी, वसुंधरा सरकार ने 100 प्रतिशत दर पर बिजली खरीदी, जो कि गलत है।
सूरजेवाला ने कहा कि राज वेस्ट के साथ 2.08 रुपये यूनिट के भाव से बिजली खरीद का 25 साल का अनुबंध है, जबकि राज वेस्ट से इस सरकार ने 4.06 रुपये यूनिट के भाव बिजली खरीदी. अडानी पावर से 3.24 रुपये का अनुबंध है, जबकि 3.66 के भाव खरीदी गई. दो कंपनियों से अनुबंध राशि और खरीद राशि में 6783 करोड़ से ज्यादा का अंतर गया, यह पैसा राजस्थान की जनता का है।
उन्होंने कहा कि एक तरफ महंगे भाव पर बिजली खरीदी, दूसरी तरफ सरकारी पावर प्लांट को कमजोर करके बंद करने या बेचने की तैयारी कर ली. केंद्र सरकार से यूपीए राज में सस्ती बिजली 2.8 रुपये में मिलती थी, मोदीजी ने उसके भाव 3 रुपए तक बढ़ा दिए. राजस्थान पर दोहरी मार पड़ी है, बिजली महंगी हो रही है. सुरजेवाला ने साफ किया है कि सरकार साफ करें कि आखिरकार प्रदेश को इतना नुकसान क्यों पहुंचाया गया.सुरजेवाला ने इस मौके पर कहा कि सत्ता में आने पर कांग्रेस इन बड़े घोटालों की जांच जरूर करवाएगी।

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