शव देखकर शहीद की वीरंगना की तबीयत बिगड़ी, नही आयी कोई भी मेडिकल टीम

अलवर। बीएसएफ के शहीद जवान हंसाराज गुर्जर का पार्थिव शरीर बुधवार रात 11 बजे उनके पैतृक गांव मुगलपुर गांव में पहुंचा। शव देखते ही शहीद की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई।

इसके बावजूद प्रशासन की ओर से उनको कोई मेडिकल सुविधा नहीं उपलब्ध करवाई गई।

जानकारी के मुताबिक शहीद हंसराज का शव जम्मू से हेलीकॉप्टर के जरिए दिल्ली लाया गया।

इसके बाद दिल्ली से सड़क मार्ग द्वारा उनका पार्थिव शरीर हरसौरा थाने इलाके में

स्थित उनके पैतृक गांव पहुंचाया गया। शहीद का शव गांव पहुंचते ही वहां लोगों का जमावड़ा लग गया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार सुबह 9 बजे शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वहीं पाकिस्तान की इस कायराना हरकत से ग्रामीणों में गुस्सा भरा हुआ है। लोगों का कहना है

कि मोदी सरकार को पाकिस्तान की इस कायराना हरकत का मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।

परिजनों के मुताबिक कुछ दिन पहले ही हंसराज को एक बेटा हुआ था।

बेटे के जन्म के बाद हंसराज जल्द ही घर आने वाले थे लेकिन पाकिस्तान सीमा पर हुए सीजफायर उल्लंघन में वो शहीद हो गए।

शहीद की पत्नी हुई बीमार

वहीं दूसरी ओर शहीद हंसराज की पत्नी का रो-रो कर बुरा हाल है।

पति की मौत की खबर सुनते ही पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। बड़ी संख्या में लोग शहीद

के पैतृक निवास पहुंचकर परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं।

अधिकारियों ने पार की लापरवाही की सारी हदें

शहीद के पत्नी मंजूदेवी की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन की ओर से उसे मेडिकल सुविधा नहीं उपलब्ध करवाई गई।

मीणों के मुताबिक जानकारी होने के बाद भी न तो शहीद के घर प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे और न ही मेडिकल टीम।

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