शांति का नोबेल प्राप्त चीनी मानवाधिकार प्रचारक यून योंगमिन को 13 साल जेल

बीजिंग। चीन के शीर्ष लोकतंत्र प्रचारकों में से एक को राज्य शक्ति का विध्वंस करने के आरोप में 13 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है। 64 वर्षीय यून योंगमिन पहले ही करीब २२ वर्ष मुकदमें में बिता चुके हैं। मानवाधिकार वकील लिन यूली ने बताया कि यून ने अदालत के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया था और अपने परीक्षण के दौरान वह चुप रहा। केन्द्रीय चीन में वुहान सिटी इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट की ओर से दोषी ठहराए जाने के फैसले की पुष्टि ऑनलाइन की गई है।

तीन साल बाद भी मुकदमा नहीं बना सके अधिकारी

चीनी मानवाधिकार रक्षकों के एक शोधकर्ता फ्रांसेस ईव ने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से

मानवाधिकारों की वकालत करने वाले यून पर चीन में मुकदमा चलाया गया था।

उन्होंने कहा कि तीन साल की जांच के बाद अधिकारी उन पर मामला बनाने में असमर्थ रहे।

यून चीन डेमोक्रेसी पार्टी के सह-संस्थापक हैं और वर्ष 1988 में इसे आधिकारिक तौर पर पंजीकृत कराने की कोशिश के

बाद उन्हें 12 वर्ष जेल की सजा सुनाई गई है।

खास बात यह है कि एक साल जेल में रहने के बाद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया।

यून को जनवरी में पकड़ा था

यून को जनवरी में पकड़ा गया था, तब वे चीन ह्यूमन राइट्स वॉच नामक ग्रुप के समर्थकों का नेतृत्व कर रहे थे।

इनकी गतिविधियों में चर्चा समूहों का आयोजन और सरकार की नीतियों की ऑनलाइन आलोचना शामिल थीं।

ज्ञात हो कि इससे एक दिन पहले एक अन्य नोबेल शांति पुरस्कार विजेता

लियू जियोओबो की पत्नी जिया को बीजिंग छोड़कर जर्मनी जाने की अनुमति दी गई थी।

लियू जियोओबो पहले एक प्रोफेसर थे, बाद में वे मानवाधिकार प्रचारक बन गए।

जेल में रहने के दौरान उनकी मौत हो गई थी।

जांच में चीनी अधिकारियों ने पाया कि लियू की पत्नी पर किसी भी प्रकार का मुकदमा नहीं है।

ऐसे में उन्हें जर्मनी जाने की अनुमति दे दी गई।

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