संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सुनी रोहिंग्या मुसलमानों की दर्द भरी दास्तां

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो ग्युरेट्स का कहना है कि उन्होंने बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों में रोहिंग्या मुसलमानों से मुलाकात की।

रोहिंग्या मुसलमानों ने म्यांमार में उनके साथ हुए अत्याचार और हिंसा की दर्द भरी दास्तान सुनाई।

ज्ञात हो कि म्यांमार सैनिकों के अत्याचार और हिंसा से बचने के लिए लाखों रोहिंग्या मुसलमान अपनी जान बचाकर कई जगह चले गए।

ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश में शरणार्थी बने हुए हैं।

रोहिंग्याओं पर हुए अत्याचार

ग्युरेट्स का कहना है कि म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों को बहुत सताया गया

है। अल्पसंख्यक होने के चलते उन पर अत्याचार किए गए हैं। उन्होंने रोंहिग्या

मुसलमानों के प्रति मानवतावादी रुख अपनाने की बात कही, वहीं उनके साथ

हुए जुल्मों को मानवाधिकारों के लिए दुस्वप्न की तरह बताया।

न्याय चाहते हैं रोहिंग्या

ग्युरेट्स ने ट्वीट किया कि उन्होंने बांग्लादेश में शरणार्थी बने रोहिंग्या

मुसलमानों के साथ मुलाकात की। इस दौरान रोहिंग्या मुसलमानों ने उन्हें

बताया कि म्यांमार सैनिकों ने उनकी हत्या की और उनकी बहन-बेटियों के

साथ बलात्कार किया। म्यांमार सैनिकों ने उन पर बहुत अत्याचार किए।

ग्युरेट्स ने कहा कि वे न्याय चाहते हैं और सुरक्षित घर वापसी चाहते हैं।

बांग्लादेश में करीब 700,000 रोहिंग्या

बांग्लादेश की यात्रा से पहले ग्युरेट्स ने ट्वीट किया था कि रोहिंग्या मुसलमान

धरती पर सबसे अधिक भेदभावपूर्ण और कमजोर समुदायों में से एक है।

पिछले साल अगस्त में म्यांमार सेना के अत्याचारों से परेशान होकर करीब

700,000 रोहिंग्या वहां से विभिन्न देशों में शरणार्थी बन गए थे। इनमें से

सबसे ज्यादा रोहिंग्या बांग्लादेश में हैं।

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