सर जमीं के महाराणा प्रताप थे और वहीं छात्रों की प्रेरणा के स्त्रोत

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राजस्थान में सत्ता का परिवर्तन हो चुका है. अब गहलोत सरकार पिछली सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बदलाव की समीक्षा कर रही है. समीक्षा इस लिए क्योंकि गहलोत सरकार के मुताबिक पिछली सरकार की ओर से किए गए बदलाव दुर्भावना से किए गए थे. बीजेपी की ओर से कई बदलावों पर कांग्रेस की ओर से भगवाकरण करने का आरोप लगाया गया. जिसमें से एक महत्वपूर्ण बदलाव था छात्रों को बांटे जाने वाली साइकिल का रंग. भाजपा सरकार ने साइकिल के रंग को भगवा कर दिया था. इस फैसले को लेकर तब विपक्ष में बैठी कांग्रेस ने अपना विरोध जताया था. अब जब सत्ता में कांग्रेस आ गई है तो वे इन साइकिलों को सामन्य रंग में लाएगी या फिर किसी विशेष रंग में पेश करेगी. इसकी फैसला समीक्षा के बाद होगी. लेकिन यह तो तय है कि इस में बदलाव जरूर होगा।
वहीं राजे सरकार की ओर से स्कूली पाठ्यक्रम में अकबर महान की जगह महाराणा प्रताप महान पढ़ाया जाना शुरू किया गया. राज्यपाल कल्याण सिंह ने भी कहा था कि अकबर तो एक प्रशासक हुआ था और ना ही वो इस सरजमीं का था. इस सर जमीं के महाराणा प्रताप थे और वहीं छात्रों की प्रेरणा के स्त्रोत हो सकते है. इस बात को लेकर भी कांग्रेस सरकार अब समीक्षा कर रही है. इस समीक्षा के बाद ही तय होगा कि आखिर महाराणा प्रताप महान थे कि अकबर।

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