सहारनपुर : हत्या के बाद जिले में तनाव, इंटरनेट सेवा बंद

सहारनपुर| सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष के भाई की गोली लगने से मौत के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए डीएम पीके पांडेय ने जिले में मोबाइल इंटेरनेट सेवाएं अग्रिम आदेश तक बंद कर दी गई है. हालात तनावपूर्ण होने की वजह से रैपिड एक्शन फोर्स के साथ भारी पुलिस फ़ोर्स को तैनात किया गया है.

दरअसल, भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के छोटे भाई सचिन वालिया की उनके गांव रामनगर में उस समय गोली लगने से मौत हो गई जब वह अपने घर लौट रहा था. आरोप है कि गांव में स्थित महाराणा प्रताप  भवन में महाराणा प्रताप जयन्ती कार्यक्रम में आए युवकों ने सचिन की गोली मारकर हत्या की है. घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए. पूरे ज़िले में माहौल तनावपूर्ण हो गया. हालांकि, अभी तक कोई हिंसक वारदात की खबर नहीं है. वहीं ज़िला अस्पताल में सचिन के परिजन और भीम आर्मी से जुड़े लोग हंगामा कर रहे हैं. मृतक सचिन की डेड बॉडी अस्पताल मोर्चरी में रखी हुई है. परिजन शव के पोस्टमार्टम न कराने पर अड़े हुए हैं.वहीं, पुलिस इस पूरे मामले को संदिग्ध मान रही है. एहतियात के चलते पूरे जनपद में इंटरनेट सेवाएं अनिश्चितकालीन रूप से बंद कर दी गई है.

मृतक सचिन वालिया
आपको बता दें कि पिछले साल आज ही के दिन इसी रामनगर गांव में दलितों ने हिंसक प्रदर्शन किया था. पुलिस पर पथराव, फायरिंग की गई थी. अधिकारियों को पीटा गया था. दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया था. दरअसल दलितों पर अत्याचार के खिलाफ तब पंचायत कर रहे भीम आर्मी और दलित संगठनों से जुड़े लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया था. जिसके बाद ये लोग रामनगर गांव में इकट्ठा हुए थे और फिर भीड़ हिंसा पर उतारू हो गई थी. हालांकि बाद में भीम आर्मी के मुखिया चन्द्रशेखर रावण को हिंसा का मास्टरमाइंड मानते हुए गिरफ्तार कर लिया गया था. रावण आज भी रासुका के तहत जेल में बंद है.
प्रशासनिक लापरवाही उजागर

आज हुई घटना ने प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर किया है. दरअसल रामनगर गांव दलित बहुल है और यहां पर राजपूत समाज द्वारा महाराणा प्रताप भवन बनवाया गया है. राजपूत समाज द्वारा पिछले कुछ दिनों से यहां नौ मई को महाराणा प्रताप जयन्ती कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही थी. ज़िला प्रशासन ने पहले किसी भी कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी थी लेकिन कल एक नाटकीय घटनाक्रम में डीएम ने सिर्फ 150 लोगों को कार्यक्रम करने की अनुमति दी थी. घटना के बाद अब पुलिस अधिकारी लीपा पोती में जुट गए हैं. एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल मौजूद था. ऐसे में इस तरह की घटना का वहां पर होना संभव नहीं है.

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