सीएम ने किया ऑनलाइन उद्घाटन, सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने दावा

इस मौके पर सीएम ने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। हर खेत में पानी पहुंचे और किसान की आय में दोगुणी वृद्धि हो इस हेतु राज्य सरकार पूरा प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मलय जलाशय योजना के पुनर्बहाल होने से पलामू जिला के सतबरवा ब्लॉक के 27 गांव, मेदिनीनगर के 42 गांव एवं लेस्लीगंज के 36 गांव लाभान्वित होंगे। साथ ही 63 हजार अनुसूचित जाति एवं जनजाति की आबादी सहित 1.55 लाख लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा।
वहीं, सीएम ने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना के पुनरूद्धार होने से गढ़वा जिले के 42 गांवों के 4632 हेक्टयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। प्रोजेक्ट पूरा होने पर कितासोती कला, कितासोती खुर्द, बालीगढ़, चेरीपोखर, बेलहारा, खोन्हर, गिजना, करूआ कला, करूआ, करूआ खुर्द, बनपुरवा, रंका, डुमरिया, तिलदाग, तिवारी मरहटिया, दूबे मरहटिया आदि गांव के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि अन्नराज जलाशय योजना का पुनरूद्धार एवं क्षतिग्रस्त नहर का लाइनिंग कार्य 84.68 करोड़ रूपये की लागत से राज्य सरकार द्वारा शुरू कराया जा रहा है।

इस फाइनेंसियल ईयर में 22 सिंचाई योजनाओं पर खर्च होंगे 414 करोड़ रुपये
राज्य सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष में 22 सिंचाई योजनाओं के लिए 414 करोड़ रुपये खर्च करने का फैसला किया है। इससे 23,520 हेक्टयर सिंचाई क्षमता पुनर्बहाल की जा सकेगी। सीएम ने कहा कि राज्य में लघु सिंचाई प्रक्षेत्र में चेकडैम की 495 योजनाओं का कार्य पूर्ण करा लिया गया है, जबकि 812 चेकडैम 2018-19 में पूर्ण कराने का लक्ष्य है। इससे 70,688 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का सृजन किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसके अलावे 134 पुनर्स्थापन योजनाओं का काम भी पूरा हो चुका है। इसके अलावे 431 पुनर्स्थापन योजनाओं का काम इसी साल पूरा कर लिया जाएगा इससे 31,182 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता पुर्नस्थापित किया जा सकेगा।

पलामू डिविजन में 14 पुरानी सिंचाई योजना का होगा पुनरुद्धार
सीएम ने कहा कि पलामू प्रमण्डल में सदावह सिंचाई योजना, बुटनडुबा जलाशय योजना, सोनरे सिंचाई योजना, जिंजोई सिंचाई योजना, दानरो जलाशय योजना, पण्डरवा जलाशय योजना, बतरे जलाशय योजना, रामघाट सिंचाई योजना, नकटीनाला जलाशय योजना, तथा उपरी करवार सिंचाई योजना, बिरहा सिंचाई योजना, चोरडण्डा सिंचाई योजना, फुलवरिया सिंचाई योजना सहित 14 पुरानी सिंचाई योजना का पुनरूद्धार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के अतिरिक्त कनहर सिंचाई परियोजना के डीपीआर पर सीडब्लूसी की सहमति प्राप्त कर ली गई है। 1903 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का कार्यान्वयन हो जाने पर गढ़वा जिला में 53,000 हेक्टेयर भूमि का पटवन हो सकेगा।

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