सीरिया पर हमले का असर, सड़कों पर प्रदर्शन

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दमिश्क। अमरीका, फ्रांस और ब्रिटेन ने शनिवार की अल सुबह सीरिया के कई सैन्य ठिकानों पर हमलों को अंजाम दिया है । इन ठिकानों को कथित रूप से रासायनिक हथियारों से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है। सीरिया की आधिकारिक न्यूज एजेंसी सना के मुताबिक, इस मिसाइल हमले में 75 लोग मारे गए। 3 लोग जख्मी हुए हैं। इसके साथ ही दमिश्क में स्थित शोध संस्थान की बारजेह स्थित शाखा को नुकसान पहुंचा है।
हमले के बाद का हाल
सीरिया की राजधानी दमिश्क में आम लोगों के बीच अमरीका के खिलाफ गुस्सा देखा जा रहा है। दमिश्क की सड़कों पर हाथों में सीरियाई झंडा लिए और बंदूकें लिए प्रदर्शनकारी नजर आ रहे हैं। प्रदर्शनों में आम नागरिक नजर आ रहे हैं जिनमें वृद्ध महिलाएं, पुरुष, बच्चे और युवा शामिल हैं। अमरीका के हमले के बाद सीरिया में लोग झंडों के साथ निकलते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में बशर अल असद की तस्वीरें नजर आ रही हैं। वहीं, सीरियाई राष्ट्रपति के ट्विटर हैंडल से एक वीडियो में जारी किया गया है जिसमें सीरियाई राष्ट्रपति बशर-अल-असद हमले के बाद अपने ऑफिस में जाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। ट्विटर पोस्ट विडियो से जाहिर हो रहा हैं कि इस हमले का सीरियाई सरकार पर असर नहीं पड़ा है।
कैसे की अपनी सुरक्षा?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि सीरियाई सेना ने दशकों पुरानी मशीनों की मदद से अमरीका के नेतृत्व वाले मिसाइल हमले का नाकाम किया है।
रूसी न्यूज एजेंसी इंटरफैक्स के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा है, ‘सीरियाई एयर डिफेंस सिस्टम एस-125, एस-200, बक और क्वाद्रत से मिसाइल हमले को नाकाम करने में इस्तेमाल किया गया है। इन्हें 30 साल पहले सोवियत यूनियन में बनाया गया था। ’ ये भी कहा गया है कि रूस के एयर-डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल नहीं किया गया है।
 पहले से पता?
सीरियाई सरकार ने कहा है कि सैन्य ठिकानों को हमले से पहले ही खाली करा लिया गया था और अब नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

रूस ने अमरीकी हमले पर क्या बोला?
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अमरीका के नेतृत्व में किए गए हमले में सीरिया में स्थित रूस के नेवल और एयरबेस को निशाना नहीं बनाया गया है।वहीं, अमरीका में रूसी राजदूत ने कहा है कि उसके सहयोगी देश पर हुए इस हमले के नतीजे सामने आएंगे।
बुलाएगा एनएससी की आपात बैठक
सीरिया पर सैन्य हमले के बाद अमेरिका और रूस के बीच की तकरार और बढ़ गई है। रूस अब इस मुद्देे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की बात कर रहा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि सीरिया पर अमेरिकी सैन्य हमले को लेकर रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आपातकालीन सत्र को बुलाएगा।

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