सूबे के लोग सालाना 200 करोड़ का पी रहे हैं जूस

जालंधर.दूध, दही और लस्सी पीने वाले सूबे के लोगों ने अपनी डाइट में फलों के जूस को इस तरह शामिल कर लिया है कि जूस पीने में पंजाब देश का सर्वाधिक खपत वाला राज्य बन गया है।

यह खुलासा नेलसन और ट्रॉसपेरेंसी मार्केट रिसर्च रिपोेर्ट में हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार सूबे के लोग सालाना 200 करोड़ का जूस पी रहे हैं, जो आबादी (2.8 करोड़) और क्षेत्रफल के अनुसार देश में सर्वाधिक है।

भारतीय बीवरेज (सभी तरह के पेय पदार्थ) इंडस्ट्री इस समय 21.14 अरब

अमेरिकी डॉलर (लगभग 1.41 लाख करोड़) तक पहुंच चुकी है।

बात अगर सिर्फ पैक्ड फ्रूट जूस की करें तो वर्तमान में भारतीय पैक्ड फ्रूट जूस

बाजार का मूल्य 2500 करोड़ रुपये हैं। अगले तीन सालों में इसके 4500 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।

रिपोर्ट में पंजाब के जूस पीने की गुड हैबिट को सराहा गया है।

पंजाब के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में एनआरआईज की संख्या अधिक हैं।

पाश्चात्य शैली और मॉडर्न लाइफ स्टाइल तेजी से लोगों को रास आ रही है।

स्वास्थ्य के प्रति लोगों में सजगता, जीवनशैली में बदलाव, पैक्ड जूस की आसान उपलब्धता,

किफायती दाम जूस की खपत में वृद्धि के कारण हैं।

पंजाब में हर साल लाखों लोग विदेश आते-जाते रहते हैं। इसमें 81 प्रतिशत लोग नौकरी और पढ़ाई के लिए,

जबकि अन्य घूमने अथवा दूसरे कार्यों के लिए जाते हैं। वेर्स्टन कल्चर का प्रभाव और

परचेसिंग पावर (क्रय शक्ति) में वृद्धि होने की वजह से भी सूबे में जूस की खपत बढ़ी है।

रिपोर्ट में आईटीसी द्वारा कपूरथला में 1500 करोड़ रुपए की लागत से स्थापित फूड प्रोसेसिंग पार्क का भी जिक्र है। आईटीसी ने जूस पीने के ट्रेंड को पहले ही नोटिस कर लिया था

इसलिए उसने आईटीसी ने इस ट्रेंड को पहले ही भांप लिया था।

पहले 40 एकड़ में 700 करोड़ की लागत से प्लांट बनना था, बाद में लागत 1500 करोड़ कर दी गई और क्षेत्रफल 72 एकड़ कर दिया गया।

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