सेंचुरियन में दूसरा टेस्ट मैच जीतने के लिए इंडिया को सुधारनी होगी ये 5 गलतियां

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नई दिल्ली। इस समय इंडियन क्रिकेट टीम दक्षिण अफ्रीकी दौरे पर है। शुरू यह कहा जा रहा था कि विराट कोहली की अगुवाई में टीम यह टेस्ट सीरीज जरूर जीतेगी। लेकिन पहले टेस्ट मैच के दौरान साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाजों के सामने इंडियन बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखरते नजर आए। लिहाजा इंडियन क्रिकेट टीम केपटाउन में अपना पहला टेस्ट मैच बुरी तरह से हार गई। टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के विरूद्ध पहले टेस्ट क्रिकेट मैच में चौथे दिन 72 रन से हार का सामना करना पड़ा।

गौरतलब है कि दूसरा टेस्ट मैच सेंचुरियन में 13 जनवरी से शुरू होने वाला है। आइए नजर डालते हैं उन 5 कमियों पर जिसके चलते टीम इंडिया पहले टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेबश नजर आई। टीम इंडिया ने अगर इन गलतियों को दोहराने की कोशिश की तो निश्चित रूप से हार का सिलसिला बरकरार देखने को मिलेगा।

1— स्लिप में कैच ना पकड़ पाना
2017 में टीम इंडिया ने 116 में से, कम से 33 कैच स्लिप पर छोड़े। अब टीम में स्लिप विशेषज्ञ फील्डर कोई दिखाई नहीं देता। पहले टेस्ट की पहली पारी में शिखर धवन ने केशव महाराज का तीसरी स्लिप में कैच छोड़ा। रेड बॉल के बावजूद स्लिप में कैच ना पकड़ पाना भारतीय टीम में एक ‘प्लेग’ की तरह है।

2— सीमर्स की कमजोरी
विदेशी पिचों पर टीम इंडिया के सीमर्स ज्यादा देर तक दबाव झेल नहीं पाते हैं। बतौर उदाहरण पहली पारी में 12 रनों पर 3 महत्वपूर्ण विकेट लेने के बावजूद सीमर्स ने दक्षिण अफ्रीका को 286 रन बनाने दिए। मैच के किसी न किसी मोड़ पर भारतीय सीमर्स सब गड़बड़ कर देते हैं।

3— अच्छी ओपनिंग नहीं
शीर्ष क्रम के असफल हो जाने का असर पूरी टीम पर पड़ता है। पहले टेस्ट मैच के पहली पारी में हार्दिक पांड्या ने 93 रन और दूसरी में 6 रन बनाए, लेकिन उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज 40 का स्केर भी पार नहीं कर पाया। पहले मैच के बाद कोहली ने खुद नाराजगी जताते हुए कहा कि हमें ऐसा बल्लेबाज चाहिए था जो 75-80 रन बना सके। पहले टेस्ट मैच में विराट बल्लेबाजों के प्रदर्शन से नाखुश नजर आए।

4— ऑफ स्टंप के बाहर जाती गेंदों को छेड़ना
ऑफ स्टंप से बाहर जाती गेंदों को छेड़ना टीम इंडिया की पुरानी परंपरा रही है। इस कमजोरी को अफ्रीकी गेंदबाजों ने अपनी ताकत बनाई। अफ्रीकी गेंदबाज लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंदें फेंकते रहे। लिहाजा रोहित और विराट कोहली को पवेलियन वापस भेज पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया को धूल चटा दी।
इस बारे में वीरेंद्र सहवाग ने भी एक न्यूज चैनल के माध्यम से टीम इंडिया को सलाह दी थी कि खिलाड़ी ऑफ स्टंप से बाहर की गेंदों से छेड़खानी नहीं करें तो बेहतर होगा। बल्लेबाजों के शॉट स्ट्रेट ड्राइव या फ्लिक होने चाहिए।

5— शीर्ष क्रम की कमजोरी के चलते मध्यमक्रम की दुर्दशा
जैसे ही भारत का शीर्ष क्रम आउट होता है, इससे मध्यक्रम पर दबाव बढ़ जाता है। ओपनरों का यह दायित्व होता है कि वे मध्यक्रम के बल्लेबाजों के लिए गेंद को पुराना करें। टीम इंडिया के ओपनर इस मकसद में नाकामयाब रहे, इसलिए केपटाउन में उन्हें बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा।

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