सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत ट्रोमा सेंटर पहुंचाया।

जयपुर. सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को तुरंत अस्पताल पहुंचा कर उसकी जान बचाई जा सकती है। एेसा ही किया है एसएमएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डी.एस मीणा ने। अधीक्षक ने करीब 25 साल के युवक को उस समय अस्पताल पहुंचाया, जिस समय उसके आसपास करीब 40 लोग उसे घेरे हुए खड़े थे और कोई भी अस्पताल ले जाने को तैयार नहीं था। लेकिन डॉ. डीएस मीणा ने उसे तुरंत ड्राइवर की सहायता से ट्रोमा सेंटर पहुंचाया।

– मामले के अनुसार अस्पताल अधीक्षक डॉ. डीएस मीणा शनिवार सुबह करीब 7.15 बजे एसएमएस अस्पताल के लिए आ रहे थे। इस दौरान श्याम नगर के एलिवेटेड रोड किनारे एक भीड़ जमा हो रही थी। पूछने पर पता चला कि किसी का एक्सीडेंट हो गया है।

– इस पर उन्होंने उसके पास जाकर देखा तो वह गंभीर घायल दिखा। लोगों ने बताया कि एंबुलेंस को कॉल किया है। लेकिन युवक की गंभीर हालत को देखते हुए उन्होंने युवक की गर्दन को सावधानी से सीधा किया और ड्राइवर की सहायता से गाड़ी में लिटाकर ट्रोमा पहुंचे। यहां भर्ती कराने के बाद पूर्ण उपचार के निर्देश दिए।

अस्पताल के नर्सिंगकर्मचारी का ही बेटा निकला घायल युवक

– होश में आने पर युवक ने अपना नाम गगन पंत पुत्र रमेश चंद बताया। इस पर पता चला कि जिस युवक को वे अस्पताल लाए, वह अस्पताल के ही एक नर्सिंगकर्मी का बेटा था।

– रमेश चंद ने कहा कि यदि अधीक्षक कुछ देर और बेटे को अस्पताल नहीं लाते और खून बह जाता तो उसे बचा पाना मुश्किल होता। वहीं अस्पताल अधीक्षक ने सभी से अपील की है कि हेलमेट लगाकर चलें और किसी को चोटिल होने पर देखकर तुरंत अस्पताल पहुंचाने में मदद करें।

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