हथिनी कुंड बैराज का सीएम मनोहर लाल ने किया हवाई सर्वेक्षण

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चंडीगढ़/यमुनानगर। पहाड़ों पर भारी बारिश से यमुना नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। उधर हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने की वजह से स्थिति और भी खतरनाक हो गई है। नदी में पानी खतरे के निशान के पार पहुंच चुका है।

हथनीकुंड बैराज से अभी से पानी का बहाव दो लाख क्यूसिक से ऊपर है। यमुना के आस-पास क्षेत्र के कई गांवों में पानी घुस गया है। दूसरी और हथनीकुंड बैराज से छोड़ा गया पानी दिल्‍ली के लिए भारी मुसीबत ला सकता है।

इन हालातों को देखते हुए सीएम मनोहर लाल खट्टर ने आपात बैठक बुलाई। मुख्यमंत्री आवास पर हुई बैठक में मुख्य सचिव आपदा एवं प्रबंधन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव समेत तमाम विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। खट्टर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यमुना के साथ लगते जिलों के जिला उपायुक्तों से भी राहत बचाव आदि को लेकर चर्चा की।

शनिवार को शाम नदी में पानी का बहाव 6.05 लाख क्‍यूसेक से ऊपर पहुंच गया था। यमुना चेतावनी के स्तर 230 क्यूसिक मीटर को पार कर 231.85 क्यूसिक मीटर तक पहुंच गई है। यमुना में फिलहाल साढ़े 6 लाख क्यूसिक पानी चल रहा है।

पानी का स्तर ज्यादा होने की वजह से दिल्ली में खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग और प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बैराज से हरियाणा और उत्‍तर प्रदेश नहरों की जलापूर्ति बंद कर दी गई है। हाइडल प्रोजेक्ट पर बिजली उत्पादन ठप हो गया है।

यमुनानगर जिले के बुडि़या थाना क्षेत्र के गांव बाकरपुर सहित कई अन्‍य गांवों में यमुना नदी का पानी घुस गया है। यमुना में उफान से हरियाणा के 90 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। हरियाणा सरकार ने बढ़ते खतरे को देखते हुए सेना और एनडीआरएफ से मदद मांगी है।

दूसरी और यमुनानगर में यमुना नदी के पास के गांवों में मंदिरों और मस्जिदों पर लगे लाउडस्‍पीकरों से लोगों को सावधान किया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि यमुना नदी की ओर न जाएं।

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