हवाई जहाज की मदद से दिल्ली में होगी बारिश

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प्रदूषण की चिंताजनक स्थिति को देखते हुए, मौसम विभाग के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), आईआईटी कानपुर, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग आदि के अधिकारियों के बीच इसकी सहमति बन चुकी है. कृत्रिम बारिश के लिए विमान की मदद ली जाती है, जिसके तहत बादलों की भौतिक अवस्था को कृत्रिम तरीके से बदलाव किया जाता है।
जानकारी के मुताबिक प्रदूषण के खिलाफ उठाए जा रहे तमाम कदमों के बाद विशेषज्ञों में अब इस बात को लेकर सहमति बनी है कि दिल्ली में बारिश बहुत जरूरी है. इससे हवा में मौजूद कण जमीन पर बैठ जाएंगे और हवा साफ हो जाएगी. मौसम विभाग के अधिकारियों की मानें तो इस योजना से कोई दुष्प्रभाव नहीं होता और ये महंगी भी नहीं है. हालांकि, इस पर अभी दिल्ली सरकार से सलाह-मशवरा बाकी है।
अधिकारियों ने बताया कि देश में इससे पहले भी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जा चुका है. आंध्रप्रदेश में ये प्रयोग काफी सफल रहा था. उन्होंने बताया कि इसके लिए बादल छा जाने का इंतजार करना होता है जो थोड़ा मुश्किल है. इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
प्रदूषण पर निजात पाने में मिलेगी मदद
जानकारों की मानें तो इस प्रक्रिया में बादल छा जाने पर जलकणों (बादलों) में एक अलग रसायन मिलाया जाता है. मुख्यत: सिल्वर आयोडाइड को निर्धारित बादलों में प्रत्यारोपित किया जाता है जिसके बाद बारिश होती है. ये बारिश 25-30 मिनट की अवधि के लिए होगी जिससे प्रदूषण पर निजात पाने में मदद मिलेगी।

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