हिंदी दिवस 2018: 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस

0
219

हिंदी दिवसअंग्रेजी भाषा के बढ़ते चलन और हिंदी की अनदेखी को रोकने के लिए हर साल 14 सितंबर को देशभर में हिंदी दिवस मनाया जाता है।आजादी मिलने के दो साल बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से हिंदी को राजभाषा घोषित किया गया था और इसके बाद से हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। आइए जानते हैं हिंदी दिवस मनाने की प्रथा कब और कैसे शुरू हुई। हिंदी को सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन राजभाषा का दर्जा मिला था। जिसके बाद हर साल इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। देश जब साल 1947 में अंग्रेजों की हुकूमत से आजाद हुआ था तो देश के सामने भाषा को लेकर सबसे बड़ा एक सवाल खड़ा था। सवाल यह था कि भारत की राष्ट्रभाषा कौन सी होगी।

शेयर बाजार में शानदार तेजी Sensex 37900 के पार

ये सवाल बेहद अहम था इसलिए काफी विचार करने के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा के रूप में चुना गया। संविधान सभा ने देवनागरी लिपी में लिखी हिंदी को राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। हिंदी की खास बात यह है कि इसमें जिस शब्द को जिस प्रकार से उच्चारित किया जाता है उसे लिपि में लिखा भी उसी प्रकार जाता है। 14 सितंबर, 1949 के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला। देश के 77% लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं। हिंदी उनके कामकाज का भी हिस्सा है। जवाहरलाल नेहरूदेश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने कहा था कि इस दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाएगा। बता दें 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस भी मनाया जाता है।

————————————————————————-

  • 1
    Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...