हिंद महासागर में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने को तैयार है नौसेनाः वाइस एडमिरल

कोलकाता । पूर्वी नौसेना कमान के वाइस एडमिरल एम एस पवार ने गुरुवार को कहा कि भारतीय नौसेना हिंद महासागर में नेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के कई देश सहयोग और प्रशिक्षण के लिए भारतीय नौसेना की ओर देखते हैं।

वाइस एडमिरल पवार ने यहां नौसेना के प्रमुख विमान वाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य को समुद्र में ईंधन पहुंचाने के लिए विशेष रूप से बनाए गए एक ईंधन नौका का जलावतरण किया।

वाइस एडमिरल पवार ने बताया कि जल्द ही भारत में निर्मित पहला विमान

वाहक पोत आइएनएस विक्रांत भी भारतीय नौसेना का हिस्सा होगा।

फिलहाल यह भारत के पूर्वी समुद्री तट पर तैनात रहेगा।

नौसेना के लिए इमेज परिणाम

40 से ज्यादा लड़ाकू विमान होंगे नौसेना में शामिल
वाइस एडमिरल पवार ने कहा कि फिलहाल 40 से ज्यादा युद्धक विमान तैयार किए जा रहे हैं,
जो कि जल्द ही नौसेना का हिस्सा होंगे।
सेना के लिए पनडुब्बियों को तैयार होने में ज्यादा वक्त लग रहा है।
हालाकिं, उन्होंने कहा कि जल्द ही एक द्वितीय श्रेणी की कलवरी पनडुब्‍बी नौसेना का हिस्सा होगी।
बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका देखते हैं भारत की ओर
वाइस एडमिरल ने कहा कि भारत के कई पड़ोसी देश जैसे कि बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका सहयोग और प्रशिक्षण के लिए भारत की ओर देखते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना ने पिछले ही हफ्ते बांग्लादेश में 400 टन राहत सामग्री पहुंचाई है।
मालदीव के साथ मिलकर EEZ की सुरक्षा
वाइस एडमिरल पवार ने बताया कि भारतीय नौसेना मालदीव के सुरक्षाबलों के साथ मिलकर विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा करने में लगी है।
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