15 दिन की जगह येदियुरप्पा को मिल सकती है 72 घंटों की मोहलत

येदियुरप्पा

नई दिल्ली |किसी सरकार के विश्वास मत हासिल करने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक आ जाए तो पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि 15 दिन में विश्वास मत हासिल करने की छूट वाली मियाद 48 घंटे तक घट जाती है. कोर्ट के पुराने आदेश तो इसकी ही तस्दीक करते हैं.

कर्नाटक मामले में भी जस्टिस एके सीकरी की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने ना तो याचिका खारिज की और ना ही शपथ ग्रहण से रोका.

ऐसे में अनुमान तो यही लगाया जा रहा है

कि शुक्रवार को साढ़े दस बजे जब अदालत लगेगी तो बीजेपी की येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली

नवगठित सरकार को बहुमत साबित करने के लिए दी गई दिनों की मोहलत घंटों में ना तब्दील कर दी जाए,

यानी आईसीयू से सीधे युद्ध के मैदान में भेज दिया जाए.

कोर्ट को करना है फैसला
कर्नाटक के मामले में दिनों का फेर ही इस मोहलत को 48 घंटे से 72 घंटे में तब्दील कर सकता है
क्योंकि बीच में शनिवार और रविवार पड़ रहा है.

सुप्रीम कोर्ट अगर विधान सभा में बहुमत साबित करने के लिए दी गई मोहलत घटाता भी है

तो उम्मीद है कि सरकार को इसके लिए 72 घंटे मिल जाएंगे क्योंकि शनिवार और

रविवार की वजह से नवगठित विधान सभा का मंगलाचरण सोमवार को होता है

तो बहुमत सिद्ध करने के लिए तीन दिन यानी 72 घंटों की मोहलत मिल सकती है.

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