15 दिन में मांगें नहीं मानी तो एक लाख गोवंश के साथ संत करेंगे जयपुर कूच

महानगर संवाददाता जयपुर। राजस्थान गौ सेवा समिति के बैनर तले मंगलवार को राजधानी में करीब एक हजार की संख्या में जुटे संतों और गोशालाओं के प्रमुखों ने केन्द्र और राज्य

सरकार पर गोवंश से जुड़े विषयों पर घोर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में सभी पन्द्रह मांगें नहीं मानी गई

तो एक लाख गोवंश के साथ पांच हजार साधु-संतों के साथ राजधानी में डेरा डाल देंगे।

सहकार मार्ग पर बंगला नंबर डी-80 में सुबह से जुटे साधु-संत मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन देना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने आयोजन स्थल के दोनों रास्तों पर बेरिकेडिंग करके उन्हें रोक दिया।

प्रशासन ने मुख्यमंत्री के जयपुर में नहीं होने का हवाला देकर किसी अन्य मंत्री से बातचीत करने का प्रस्ताव रखा। बाद में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी आयोजन स्थल पर पहुंचे।

उन्होंने सड़क पर ही बैठकर साधु-संतों से वार्ता की और कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने उन्हें बातचीत के लिए भेजा है। उन्हें साधु-संतों की सभी मांगें मंजूर हैं।

वे पन्द्रह दिन में सभी मांगों के संबंध में निर्णय लेने का आश्वासन देते हैं।

राजस्थान गौ सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष दिनेशगिरी ने कहा कि यदि पन्द्रह दिन में सभी मांगें नहीं मानी गई तो सभी गोशालाएं सरकार को सौंप दी जाएंगी और एक बार फिर जयपुर कूच किया जाएगा।

हालांकि वार्ता से कई साधु-संत और गोशाला प्रतिनिधि सहमत नहीं हुए। बाद में समिति के संरक्षक संतों ने उनसे समझाइश की।

पुलिस पर लगाया दुव्र्यवहार का आरोप

सम्मेलन में भाग लेने आए लोगों ने बताया कि उन्हें आयोजन स्थल तक आने ही नहीं दिया गया।

उनकी गाडिय़ों को बीच रास्ते में ही रोक दिया।

संतों के बीच सड़क पर बैठने की धमकी देने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों से

बात की तो उच्चाधिकारियों ने गाडिय़ों को जाने दिया।

संत समाज को आयोजन स्थल से बाहर नहीं जाने देने के लिए पुलिस ने दोनों

रास्तों को बेरिकेडिंग कर अवरुद्ध कर दिया। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।

पुलिस प्रशासन पर यह भी आरोप लगाया कि संतों को सिविल लाइन फाटक पर सभा करने की

अनुमति के संबंध में कई दिनों तक लटकाए रखा।

सोमवार रात दस बजे फोन कर अनुमति नहीं देने की सूचना दी।

आनन-फानन में डी-70 में ही सभा करनी पड़ी लेकिन लोग ज्यादा होने के कारण स्थान छोटा पड़ गया।

पहले यहां से केवल साधु-संतों के रवाना होने का ही कार्यक्रम था।

डीसीपी साउथ विकास पाठक, एसीपी अशोक नगर रामगोपाल पारीक के साथ मौके पर थे।

खुफिया एजेसिंयों के अधिकारी सादी वर्दी में मामले पर नजर रखे हुए थे।

भाजपा विचारधारा के संतों ने किया किनारा

सम्मेलन में रैवासा पीठ के राघवाचार्य वेदांती सहित राजनीति में दबदबा रखने वाले

संत नदारद दिखे जबकि सभी को आयोजन में सम्मिलित होने का न्योता दिया गया था।

भाजपा से जुड़े नेता और कार्यकर्ता भी कार्यक्रम में नहीं दिखे।

इन्होंने भी किया संबोधित

सम्मेलन को मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्रदास महाराज, जूना अखाड़े के हीरापुरी महाराज,

रघुनाथ भारती, अभयदास सहित अनेक संतों ने संबोधित किया।

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