22 साल से एक खूंटे से बांधकर कमरे में कैद रखा

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश के छतरपुर के एक गांव में मानसिक बीमारी से ग्रस्त एक व्यक्ति को परिजनों ने 22 साल से एक खूंटे से बांधकर कमरे में कैद कर रखा | जिला मुख्यालय से 55 किलोमीटर दूर स्थित हरपुरा गौर गांव में 58 वर्षीय बैजनाथ यादव को खेत में बने एक छोटे से कमरे में जंजीरों से बांधकर अंधेरे में रखा गया. बीते हफ्ते मामले का खुलासा हुआ था |

असल में पीड़ित के 32 साल के बेटे देवीदीन यादव ने पटवारी श्यामलाल अहिरवार से अपने पिता के नाम की जमीन खुद के नाम पर कराने के लिए संपर्क किया था. पटवारी ने पिता की सहमति जरूरी बताई | इस पर देवीलाल ने पिता की स्थिति बताई. इसके बाद पटवारी ने बैजनाथ को एक कमरे में जंजीर से बंधा पाया |

अहिरवार ने बताया कि उसके परिवार वालों ने उसे करीब 22 साल से लोहे के खूंटे से बांधकर रखा हुआ है. उन्होंने कहा, ‘जब मैं खूंटे से बंधे बैजनाथ के पास गया, तो वह हाथ जोड़कर विनती करने लगा कि इस अंधेरे से बचा लो और इन जंजीरों से छुड़वा दो |’

पटवारी ने यह बात छतरपुर तहसीलदार आलोक वर्मा को बताई| तहसीलदार ने 27 साल से मनोरोगियों के लिए काम कर रहे वकील संजय शर्मा को इसकी जानकारी दी | इसके बाद शर्मा उसे छुड़ाने एवं मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराने के लिए 21 जुलाई को उसके घर गये |

आश्वासन देने के बाद भी बेटा उन्हें आजाद करने पर राजी नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि बैजनाथ का परिवार अत्यंत गरीब है. उनके पास उनका इलाज के लिए पैसा भी नहीं है| शर्मा ने कहा, ‘मैंने उसके परिजनों को समझाया था कि बैजनाथ का इलाज संभव है | उसे मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती करा दूंगा |वह स्वस्थ हो जाएगा. लेकिन तब भी वे उसे मुक्त करने के लिए तैयार नहीं हो रहे थे |’

 

 

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