30 वर्ष का हुआ www, गूगल ने डूडल बनाकर किया उसके सफर को याद

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गूगल ने आज यानी 12 मार्च, 2019 को अपना डूडल वर्ल्ड वाइड वेब(world wide web-www) को समर्पित किया है। www को 30 साल पूरे हो गए हैं। आइए आज हम इस मौके पर www और इंटरनेट के बारे में कुछ रोचक बातें जानते हैं…

क्या है WWW?

इंटरनेट पर कोई भी पेज खोलते हैं तो उसके आगे आप www लिखा हुआ देखते होंगे। कभी आपने सोचा है कि यह WWW क्या है। पहले तो यह जान लें कि इसे W3 या वेब के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसा स्थान है जहां किसी खास विषय, व्यक्ति या अन्य चीजों से जुड़ीं सूचनाएं वेब पेज के रूप में आपस में लिंक से जुड़ी होती हैं। ब्राउजर में जब हम संबंधित सूचनाएं तलाश करते हैं तो ये पेज हमारे सामने खुलकर आते हैं।

आविष्कारक
वेब के आविष्कार का श्रेय टिम बर्नर ली को जाती है। उन्होंने 1989 में वर्ल्ड वाइड वेब सर्वर पर काम करना शुरू किया था। उन्होंने वेब पेजों को आपस में जोड़ने की तकनीक का आविष्कार किया था।

कैसे काम करता है इंटरनेट?
पहले इंटरनेट उपग्रह से चलता था लेकिन अब ऑप्टिकल फाइबर केबल्स से चलता है जिसे समुद्र में बिछाया जाता है। कई बार समुद्र में जहाज से केबल को नुकसान पहुंच जाता है। ऐसा 13 जनवरी 2008 को मिस्र में हुआ था जिसके कारण मिस्र का 70% इंटरनेट बंद हो गया था। ऐसी कई टीम बनाई गई है जो 24 घंटे समुद्र में ऑप्टिकल फाइबर केबल की निगरानी करती है। अगर कहीं नुकसान होता है तो यह टीमे उसको जल्द ठीक कर देती है। 90 इंटरनेट केबल के जरिये चलता है लेकिन 10% इंटरनेट उपग्रह से चलता है जिसका इस्तेमाल खुफिया एजेंसी करती हैं। इस इंटरनेट को आम लोग ऐक्सेस नहीं कर सकते हैं।

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इंटरनेट अगर एक दिन बंद हो जाए
क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि अगर एक दिन इंटरनेट बंद हो जाए तो क्या होगा? इसका जवाब है कि अगर एक दिन इंटरनेट बंद होता है तो दुनिया ठहर सी जाएगी। आज के समय में दुनिया का लगभग हर काम इंटरनेट से होता है। ऐसे में इंटरनेट के बंद से सारा काम ठप्प पड़ जाएगा।

14 लोग करते हैं इंटरनेट को कंट्रोल
क्या आपने कभी सोचा है कि इंटरनेट को मैनेज कौन करता है? इंटरनेट कॉर्पोरेशन फॉर असाइंड नेम्स ऐंड नंबर (आईसीएएनएन) नाम की अंतरराष्ट्रीय संस्था डोमेन नाम देने का काम करती है। डोमेन वह सिस्टम है जो इंटनेट में बताये गए नाम और उनसे संबंधित आईपी अड्रेस स्टोर रखता है। हर बार जब आप किसी डोमेन का जिक्र करते हैं तो इंटनेट सर्वर उसे संबंधित आईपी अड्रेस में ट्रांसलेट करके डेटा सही कंप्यूटर तक भेज देता है। डोमेन को आईपी अड्रेस में ट्रांसलेट करने का काम 7-7 लोगों को दो ग्रुप करता है जिनकी साल में चार बार ‘की सेरिमनी’ नाम के प्रोग्राम में मुलाकात होती है। ये 14 लोग पहले वेबसाइट्स और कंप्यूटर्स के लिए न्यूमेरिकल आईडी जारी करते हैं फिर इन आईडीज को नॉर्मल वेब अड्रेस में ट्रांसलेट करते हैं और इसी वेब अड्रेस को लोग ब्राउजर्स में टाइप करके सर्च करते हैं।

एचटीएमएल को यौन रोग समझते हैं ये लोग
एचटीएमएल एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है लेकिन अमेरिका में ऐसे लोगों की एक बड़ी तादाद है जो इसे कोई यौन रोग समझते हैं। कुछ लोग ही हैं जो इसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के नाम से जानते हैं जिसका इस्तेमाल वेब पेज बनाने के लिए होता है।

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