59 मिनट में 1 करोड़ तक लोन होगा पास

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (Micro, Small and Medium Enterprises) के लिए सपोर्ट एंड आउटरीच इनिशिएटिव कार्यक्रम की शुरुआत की. पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लघु उद्योग सेक्टर में लिए गए 12 बड़े फैसलों पर विस्तार से बात की।

पीएम मोदी ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों से भारत सरकार के कई मंत्रालय मिलकर इन फैसलों तक पहुंचने में जुटे हुए थे. हम भली-भांति जानते हैं कि MSME या छोटे उद्योग हमारे देश में करोड़ों देशवासियों की रोजी-रोटी का साधन हैं, अर्थव्यवस्था में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि MSME कृषि के बाद रोज़गार देने वाला दूसरा सबसे बड़ा सेक्टर है. खेती अगर भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है तो MSME उसके मज़बूत कदम हैं, जो देश की प्रगति को गति देने का काम करते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि कहीं दूर, देश के किसी कोने में बैठे आपके उद्यमी भाई या बहन को मात्र 59 मिनट में एक करोड़ रुपये तक के कर्ज की मंजूरी इस वक्त भी दी जा रही है.GST पंजीकृत हर MSME को एक करोड़ रुपये तक के नए कर्ज या इन्‍क्रीमेंटल लोन की रकम पर ब्याज में 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

पीएम मोदी ने कहा कि अब सरकारी कंपनियां जितना सामान खरीदती हैं, उसमें अब 25 प्रतिशत लघु उद्योगों की हिस्सेदारी होगी. साथ ही ये भी तय किया गया है कि इसमें से कुल खरीद का 3 प्रतिशत, महिला उद्यमियों के लिए आरक्षित होगा।

टेक्नॉलोजी अपग्रेश के लिए सरकार ने फैसला लिया है कि देशभर में टूलरूम की व्यवस्था को और विस्तार दिया जाए. इसके लिए देशभर में 20 हब बनाए जाएंगे और टूलरूम जैसे 100 स्‍पोक देशभर में स्थापित किए जाएंगे. पीएम मोदी ने इसके लिए 6 हजार करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया।

छोटे उद्यमियों को कम से कम फॉर्म और रिटर्न देने पड़ें इसके लिए बड़ा फैसला लिया गया है. 8 श्रम कानूनों और 10 केन्द्रीय नियमों के तहत दिया जाना वाला रिटर्न अब साल में दो बार की जगह एक बार ही देना पड़ेगा. सरकार, व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ह्यूमन इंटरवेंशन को कम करने के लिए लगातार काम कर रही है।

पीएम मोदी ने कहा कि कई शहरों की पहचान, उनके यहां चलने वाले लघु उद्योगों की वजह से ही है. देश के हर जिले के साथ, उसकी एक खास पहचान जुड़ी हुई है. भारत ग्लोबल इकॉनोमी में ब्राइट स्पॉट बनकर चमक रहा है. वैश्विक कारोबार की चर्चा के केंद्र में नया भारत है।

मोदी ने कहा कि भारत में चार-साढ़े चार वर्षों में जो बदलाव हुए हैं,  छोटे उद्योग उसके सबसे बड़े भागीदार हैं. डिजिटल लेन-देन को आत्मसात किया है, ई-कॉमर्स जैसी नई व्यवस्थाओं के साथ तालमेल बिठाया है, GST जैसे देश के इतने बड़े टैक्स रीफॉर्म को अपनाया है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश में हुए अनेक सुधारों और फैसलों की वजह से भारत में व्यापार करना बहुत आसान हो गया है. अभी दो दिन पहले आई वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग इसकी गवाह है. जिस पर 4 साल पहले कोई यकीन नहीं कर सकता था, वो हमने करके दिखाया है।

इस मौके पर वित्त मंत्री अरुण जेटली और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे. अरुण जेटली ने कहा कि इतिहास में पहली बार भारत दुनिया में सबसे तेज गति से बढ़ने वाला देश बन गया है. जब केंद्र में बीजेपी की सरकार आई थी तो देश की अर्थव्यवस्था 9वें नंबर पर थी अब 6ठे नंबर पर आ गई है. उम्मीद है कि देश की अर्थव्यवस्था आगे और अच्छी होगी।

जेटली ने कहा, जीएसटी का आधार सरल हो गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार को प्रगति करनी है, और लाभ पहुंचाना है. देश के 7 लाख गांवों में बिजली पहुंची. जिन घरों में बिजली नहीं है, उन्हें सरकारी खर्च पर बिजली दी जाएगी. इस देश की क्षमता सिर्फ सरकारी कार्य से ही नहीं है, यह देश में कम पूंजी के साथ सफल व्यवसाय करने की क्षमता से है. सरकार का दायित्व अच्छी व्यवस्था प्रदान करना है।

पीएम मोदी ने कहा कि ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में ये 12 फैसले MSME को सुदृढ़ कर, एक नया अध्याय लिखेंगे. इनसे एमएसएमई क्षेत्र को गति मिलेगी और रोजगार के अधिक अवसर प्रदान करने में मदद मिलेगी।

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