68 फीसदी आरक्षण देने वाला देश का दूसरा राज्य बनेगा महाराष्ट्र

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महाराष्ट्र। मराठाओं के लिए शिक्षा एवं सरकारी नौकरी में 16 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव देने वाले विधेयक को महाराष्ट्र विधानसभा में बृहस्पतिवार को सर्वसम्मति से पारित किया गया.

इसी के साथ महाराष्ट्र देश में दूसरे नंबर का राज्य बन गया है जहां आरक्षण प्रतिशत सबसे ज्यादा है. मराठा आरक्षण विधेयक के पारित होने के बाद महाराष्ट्र में आरक्षण बढ़कर 68 प्रतिशत हो गया है और वह दूसरे स्थान पर आ गया है.

आरक्षण प्रतिशत के लिहाज से तमिलनाडु पहले स्थान पर है जहां विभिन्न श्रेणियों में 69 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है.

अधिकारी ने बताया कि इससे पहले इस सूची में दूसरे नंबर पर 67 प्रतिशत आरक्षण देने वाला हरियाणा था और पिछले साल आरक्षण बढ़ाकर 62 प्रतिशत करने वाला तेलंगाना तीसरे नंबर पर था.

बताया कि राजस्थान में पिछले साल सरकार द्वारा गुर्जरों एवं चार अन्य पिछड़े समुदायों के लिए आरक्षण बढ़ाने के बाद आरक्षण बढ़कर 54 प्रतिशत हो गया था.

यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र सरकार आरक्षण बढ़ाने के अपने फैसले का अदालत में कैसे बचाव करेगी, अधिकारी ने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो, हम मराठाओं को 16 प्रतिशत आरक्षण देने के हमारे फैसले के समर्थन में ठोस डेटा प्रस्तुत करेंगे.”

बताते चलें कि महाराष्ट्र सरकार मराठा समुदाय को नौकरी और शिक्षा में 16 फीसदी आरक्षण देने पर सहमत हो गई है. फडणवीस सरकार ने गुरुवार को विधानसभा में मराठा आरक्षण का बिल पेश किया, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया.

मराठा समुदाय को ये आरक्षण एसइबीसी के तहत दिया जाएगा. अब इस बिल को विधान परिषद में रखा जाएगा. वहां से पास होने के बाद ये कानून का रूप ले लेगी.

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