एबीवीपी संगठन के कई पदाधिकारियों पर गिरेगी गाज

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जयपुर। छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर लगातार पांचवीं हार झेलने वाला छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) कई पदाधिकारियों को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाने में है। जयपुर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में इन पांच पदाधिकारियों के नाम भी तय हो गए है जिनको संगठन से बाहर किया जाएगा।

जिन पदाधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा उनमें राजस्थान विश्वविद्यालय के दो पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व संगठन के टिकट पर चुनाव लड़ चुके कार्यकर्ता शामिल हैं। इन पदाधिकारियों में संगठन से बागी होकर चुनाव लड़ चुके पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष के नाम भी शमिल हैं।

वे पूर्व के वर्षों में टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर एबीवीपी को छोड़ कर चले गए थे और बागी होकर चुनाव लड़कर संगठन के प्रत्याशी को हराया था। गत वर्ष संगठन से बाहर जाने के बाद एबीवीपी ने फिर से इस वर्ष चुनावों में इन्हें संगठन में शामिल किया और बिखरे हुए संगठन को एकजुट करने का प्रयास किया। यह फिर से संगठन में शामिल हो गए थे।

ऐसे में एकजुट हुई एबीवीपी चुनाव जीतती हुई नजर आ रही थी। लेकिन समीक्षा बैठक के दौरान चर्चा में निकल कर आया कि जिन्हें संगठन में वापस लेकर जिम्मेदारी दी गई थी उन्होंने चुनाव के दौरान संगठन में गुटबाजी कर एबीवीपी का असहयोग किया।

डमी प्रत्याशियों के फॉर्म भरवाकर बने एजेंट
सूत्रों की मानें तो जयपुर कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि संगठन के कुछ पदाधिकारियों द्वारा विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव में डमी प्रत्याशियों के फॉर्म भरवाने की बात सामने आई है। इन डमी प्रत्याशियों के एजेंट बनकर ये पदाधिकारी मतगणना से लेकर मतदान के दौरान अंदर रहे और संगठन को नुकसान पहुंचाने का कार्य किया।

इन डमी प्रत्याशियों के वोट जाने से संगठन के प्रत्याशी हार गए। सूत्रों के अनुसार गुरुवार को जयपुर कार्यालय में प्रांत के कार्यकर्ताओं की बैठक बुलाई गई थी।इस बैठक में करीब 80 पदाधिकारी आए। इन सभी पदाधिकारियों से सहमति लेकर पांच पदाधिकारियों को बाहर करने रास्ता तय कर दिया गया है।

भरतपुर में आठ को निकाला बाहर
हालांकि भरतपुर विश्वविद्यालय में एबीवीपी का प्रत्याशी दिनेश भातरा अध्यक्ष बना लेकिन फिर भी जिले में चुनावों के दौरान संगठन में रहते हुए एबीवीपी को नुकसान पहुंचाने वाले आठ कार्यकर्ताओं को संगठन के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जिला संयोजक ने एक नोटिस जारी कर भरतपुर जिले के आठ पदाधिकारियों को पदमुक्त कर दिया। भरतपुर की तर्ज पर ही अब जयपुर में भी कार्रवाई की तैयारी है।

छात्रसंघ चुनाव में कार्यकर्ताओं के बगावत करने की बात सामने आई है। इसकी समीक्षा की जा रही है। संगठन में रहकर अंदर से बगावत करने वालों पर कार्रवाई का कार्य प्रांत की टीम द्वारा किया जाना है।
-होशियार मीना, विभाग संयोजक

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