EPF में कम जमा करना होगा पैसा

0
109

नई दिल्ली। श्रम मंत्रालय ऐसे प्रावधान पर विचार कर रहा है, जिससे आपकी टेक होम सैलरी पहले के मुकाबले बढ़ सकती है। इसके लिए ईपीएफ में कर्मचारी को पहले के मुकाबले कम सहयोग (कंट्रीब्यूशन) करना होगा। अभी किसी भी कर्मचारी के लिए बेसिक सैलरी का 12 फीसदी ईपीएफ खाते में डालना अनिवार्य है।

नियोक्ता (एंप्लॉयर) अपने कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 3.67 फीसदी ईपीएफ में जमा करता है। नियोक्ता अपने कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 8.33 फीसदी ईपीएस यानि एंप्लॉय पेंशन स्कीम में पैसा डालता है। कुल 24 फीसदी की यह सीमा बनती है

अब, जबकि सरकार का यह प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो वर्तमान सीमा 24 फीसदी से दो फीसदी घटाई जा सकती है। कर्मचारी का कंट्रीब्यूशन 12 की जगह 10 फीसदी हो सकता है। यह सभी निजी कंपनियों पर लागू होगा। चाहे किसी भी कंपनी में नियोक्ता की संख्या कितनी ही क्यों न हो। यानि 20 से कम या 20 से ज्यादा।
वर्तमान प्रावधान के मुताबिक 20 से कम कर्मचारी होने पर 10 फीसदी ही जमा कराना होता है। लेकिन नए नियमों में इसी सीमा को हटा दिया गया है।

सरकार का आकलन है कि इससे बाजार में ज्यादा पैसा आ सकेगा। तर्क ये भी दिया जा रहा है कि जल्द ही आयुषमान भारत स्कीम के तहत 50 करोड़ लोग इसके हकदार हो जाएंगे। लिहाजा लोगों को सामाजिक सुरक्षा स्कीम में ज्यादा सहयोग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

  • 1
    Share

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...