13 मार्च से शुरू होगा होलाष्टक, जानिए क्यों माना जाता है अशुभ

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इस साल देशभर में 20 मार्च को होली का पर्व मनाया जाएगा। बता दें कि 13 मार्च से 20 मार्च तक होलाष्टक रहेगा और 20 मार्च को होलिका दहन के साथ यह समाप्त हो जाएगा। ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार होलाष्टक का अशुभ माना गया है।  मान्यता है कि भगवान विष्णु भक्त प्रह्रलाद को मारने के लिए उसके पिता हरिण्यकश्यप ने कई कोशिश की थी। आखिर में उसने अपनी बहन होलिका को मारने के लिए भेजा तब भगवान विष्णु ने लगातार 8 दिनों तक भक्त प्रह्रलाद की रक्षा की। इसी कारण होली के पहले आठ दिनों को अशुभ माना जाता है।

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Holashtak will start from March 13, know why is considered unlucky - Jyotish Nidan in Hindi

वहीं ज्योतिषीय कारण है होली से पहले ग्रह अशुभ स्थिति में होते हैं जिसकी वजह से काफी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा रहती है। इन दिनों में कोई भी शुभ काम नहीं किया जाता है। इस महीने की 13 तारीख से होलाष्टक प्रारंभ हो रहे हैं। यह होलाष्टक 20 मार्च फाग तक चलेंगे। होलाष्टकों में किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य करना मनाही है।

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होलाष्टक में भूलकर भी नहीं करना चाहिए ये काम

(1) होलाष्टक के दिनों में कोई भी विवाह का मुहू्र्त नहीं होता है इन दिनों कोई भी मांगलिक काम नहीं करना चाहिए।
(2) इसमें किसी तरह का हवन आदि का भी आयोजन नहीं करना चाहिए।
(3) वैसे तो होलाष्टक में शुभ कार्यों के करने की मनाही होती है मगर इन दिनों पर देवी-देवताओं की पूजा जरूर करनी चाहिए।
(4) इन आठ दिनों के दौरान गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए साथ ही भूमि पूजन की भी मनाही होती है।
(5) होलाष्टक में जहां शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है। वहीं व्रत और दान-पुण्य के कार्यों का महत्व होता है। इन 8 दिनों में किये गये व्रत और दान से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है और भगवान की असीम कृपा प्राप्त होती है। इन दिनों में वस्त्र, अनाज और अपनी इच्छानुसार धन आदि का दान करना चाहिए।

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