कर्नाटक के इस शहर में अनूठे होते हैं होली के रंग

0
54

होली का त्योहार नजदीक है और इस त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह की भी देखा जा सकता है। सर्दी का मौसम खत्म हो गया है और गर्मियों की शुरूआत हो गई है। ऐसे में आप होली को शानदार और यादगार बनाने के लिए जरूर किसी खास जगह की तलाश में होंगे। आज हम बताएंगे की पुष्कर और मथुरा की होली से भी खास होली कहां होती है। 

हंपी भारत के कर्नाटक राज्य का वो सुंदर स्थान है, जहां का इतिहास आज भी जीवंत है। ये जगह इतनी खास है कि यूनेस्को ने इसे विश्व धरोहर घोषित किया है। हर साल हंपी में लाखो की संख्या में देश और विदेश से सैलानी आते हैं। खासकर मार्च के महीने में ज्यादातर सैलानी यहां साइट सीइंग करने के साथ ही होली मनाने आते हैं।

हंपी में होली दो दिन तक मनाई जाती है। इन दिनों में हंपी की ऐतिहासिक गलियों में स्थानीय लोगों के साथ ही टूरिस्ट भी इक्ट्ठा हो जाते हैं। फिर ढोल-नगाड़ों की थाप पर जुलूस निकलता है और नाचते-गाते होली का गुलाल उड़ाया जाता

कई घंटों तक खड़े रहने वालो में ज्यादा होती है यह समस्या

हंपी में होली मनाने और यहां के मुख्य आकर्षणों को देखने के लिए 4 दिन पर्याप्त होते हैं। खास बात यह है कि इस बार होली पर वीकेंड पड़ने से आपको छुट्टियों की दिक्कत भी नहीं होगी। होली 21 मार्च को पड़ रही है और उस दिन गुरुवार है। शनिवार और रविवार तो आपकी छुट्टी होती है। यानि आपको सिर्फ एक दिन की छुट्टी लेनी होगी। सबसे खास बात तो ये है कि दिन भर की मस्ती और कई घंटो तक रंग खेलने के बाद सभी लोग तुंगभद्रा नदी और इससे निकली सहायक नहरों में स्नान करते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

loading...